Govinda Fake News Case: बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा ने अपनी निजी और पारिवारिक जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फैल रही कथित फर्जी, भ्रामक और अपुष्ट खबरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. अभिनेता की ओर से जारी सार्वजनिक नोटिस में मीडिया संस्थानों, सोशल मीडिया यूजर्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, कंटेंट क्रिएटर्स और यूट्यूब चैनलों को चेतावनी दी गई है कि उनके या उनके परिवार से जुड़े झूठे, मानहानिकारक या अपुष्ट कंटेंट को तैयार करने और प्रसारित करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. नोटिस में खास तौर पर AI से तैयार किए गए कंटेंट, डीपफेक, मॉर्फ्ड तस्वीरों, वीडियो और ऑडियो को लेकर भी चेतावनी दी गई है. गोविंदा की ओर से कहा गया है कि उनकी आवाज, तस्वीर, पहचान या निजी और पारिवारिक जीवन से जुड़ी सामग्री को डिजिटल तकनीक या AI के जरिए बनाने, बदलने या इस्तेमाल करने की अनुमति किसी को नहीं दी गई है.
AI और डीपफेक कंटेंट पर खास नजर
गोविंदा की ओर से जारी नोटिस में डिजिटल माध्यमों से तैयार या बदली गई तस्वीरों, वीडियो और ऑडियो के अलावा मॉर्फ्ड इमेज, डीपफेक और दूसरे सिंथेटिक कंटेंट का भी जिक्र किया गया है. नोटिस के मुताबिक, अभिनेता ने किसी व्यक्ति या संस्था को उनकी आवाज, तस्वीर, पहचान या निजी और पारिवारिक जानकारी से जुड़ी सामग्री को AI या दूसरी डिजिटल तकनीकों के जरिए तैयार, मॉडिफाई या इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है.
ऐसे कंटेंट के प्रसार को लेकर मानहानि, निजता के उल्लंघन, पहचान के गलत इस्तेमाल और साइबर अपराध से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
100 करोड़ रुपये तक के मानहानि दावे की चेतावनी
नोटिस में कथित तौर पर आपत्तिजनक, झूठी या भ्रामक सामग्री जारी रखने वालों के खिलाफ 100 करोड़ रुपये तक के सिविल दावे की चेतावनी दी गई है. नोटिस में भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 समेत लागू कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया गया है. गोविंदा की ओर से यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर अदालत के सामने अतिरिक्त कानूनी राहत की मांग की जा सकती है.
इनमें परिस्थितियों और अदालत के आदेश के अनुसार बैंक खातों से संबंधित कार्रवाई, संपत्ति के लेन-देन पर रोक और पासपोर्ट से जुड़े कदम जैसी मांगें शामिल हो सकती हैं. नोटिस में उन यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही गई है, जिन पर जानबूझकर गोविंदा या उनके परिवार के बारे में गलत और भ्रामक जानकारी प्रसारित करने का आरोप हो.
सुनीता आहूजा के बयान के बाद बढ़ी चर्चा
गोविंदा की ओर से यह सार्वजनिक नोटिस ऐसे समय सामने आया है, जब उनकी निजी जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है. इसकी पृष्ठभूमि में उनकी पत्नी सुनीता आहूजा और अभिनेत्री राखी सावंत के बीच हुई बातचीत भी है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुई. इस बातचीत में सुनीता आहूजा ने कथित तौर पर कहा था कि उन्होंने तलाक की याचिका वापस ले ली थी क्योंकि उन्हें गोविंदा के अभिनेत्री रानी स्वर्णकार से शादी करने की योजना के बारे में पता चला था. इसके बाद सोशल मीडिया पर गोविंदा की कथित दूसरी शादी को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.
हालांकि, गोविंदा की ओर से जारी नोटिस का मुख्य फोकस इन दावों को आगे बढ़ाने के बजाय उनके और उनके परिवार से जुड़ी कथित झूठी, मानहानिकारक, अपुष्ट तथा डिजिटल रूप से तैयार या बदली गई सामग्री के प्रसार पर है.
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी
सार्वजनिक नोटिस में सिर्फ मीडिया संस्थानों को ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया यूजर्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और कंटेंट क्रिएटर्स को भी सावधान किया गया है. उन्हें गोविंदा या उनके परिवार से जुड़ी किसी भी जानकारी को प्रकाशित या शेयर करने से पहले उसकी सत्यता सुनिश्चित करने की चेतावनी दी गई है. नोटिस में कथित तौर पर झूठी, मानहानिकारक, दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत या अपुष्ट सामग्री तैयार करने, प्रकाशित करने, अपलोड करने, प्रसारित करने या साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है.
गोविंदा की ओर से जारी इस नोटिस से साफ है कि अभिनेता अब अपनी निजी और पारिवारिक जिंदगी से जुड़ी डिजिटल सामग्री को लेकर कानूनी रास्ता अपनाने के लिए तैयार हैं. वहीं, उनके निजी जीवन से जुड़े सोशल मीडिया दावों की वास्तविकता और उनसे संबंधित आगे की कानूनी कार्रवाई अलग-अलग स्तर पर तय होनी बाकी है.
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