11 September 2026 Ka Panchang: शुक्रवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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11 September 2026 Ka Panchang: शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रहेगी. पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि सुबह 08:56 बजे तक रहेगी, इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी. अमावस्या तिथि 10 सितंबर सुबह 10:33 बजे शुरू हुई थी. पंचांग गणना के अनुसार 11 सितंबर को अमावस्या का दिन माना जा रहा है. इस दिन पिठौरी अमावस्या भी है. धार्मिक मान्यताओं में इस अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन स्नान, दान, पूजा-पाठ और पितरों का स्मरण करने की परंपरा है.

11 सितंबर 2026 का पंचांग

  • वार: शुक्रवार
  • तिथि: कृष्ण पक्ष अमावस्या सुबह 08:56 बजे तक, इसके बाद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
  • नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी दोपहर 01:16 बजे तक, इसके बाद उत्तर फाल्गुनी
  • योग: साध्य शाम 05:01 बजे तक, इसके बाद शुभ योग
  • करण: नाग सुबह 08:57 बजे तक, फिर किस्तुघन रात 08:18 बजे तक, इसके बाद बव
  • चंद्र राशि: सिंह शाम 07:08 बजे तक, इसके बाद कन्या
  • सूर्य राशि: सिंह
  • ऋतु: वर्षा
  • विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थि
  • शक संवत: 1948, पराभव
  • अमांत मास: श्रावण
  • पूर्णिमांत मास: भाद्रपद

11 सितंबर को अमावस्या तिथि

पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 10 सितंबर सुबह 10:33 बजे से 11 सितंबर सुबह 08:56 बजे तक रहेगी. इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी.

आज का नक्षत्र

11 सितंबर को पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 01:16 बजे तक रहेगा. इसके बाद उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र शुरू हो जाएगा. वहीं साध्य योग शाम 05:01 बजे तक रहेगा और इसके बाद शुभ योग शुरू होगा.

आज का राहुकाल

  • यमगंड: दोपहर 03:27 बजे से 04:59 बजे तक
  • कुलिक: सुबह 07:47 बजे से 09:19 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 08:43 से 09:32 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:48 से 01:37 बजे तक
  • वर्ज्यम्: रात 08:22 से 09:57 बजे तक

आज के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:40 से 05:28 बजे तक
  • अमृत काल: सुबह 07:03 से 08:36 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक

पिठौरी अमावस्या का महत्व

पिठौरी अमावस्या को कई क्षेत्रों में विशेष धार्मिक महत्व वाली अमावस्या माना जाता है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस दिन माताएं संतान की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए व्रत और पूजा करती हैं. पितरों के स्मरण, तर्पण और दान की परंपरा भी इस दिन से जुड़ी है. ध्यान देने वाली बात यह है कि 11 सितंबर की यह अमावस्या पितृ पक्ष की सर्वपितृ अमावस्या नहीं है. 2026 में पितृ पक्ष बाद में शुरू होगा और सर्वपितृ अमावस्या अक्टूबर में पड़ेगी.

सूर्य और चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय: सुबह 06:16 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 06:31 बजे
  • चंद्रोदय: सुबह 06:09 बजे
  • चंद्रास्त: शाम 06:39 बजे

चंद्रमा की स्थिति

चंद्रमा 11 सितंबर को शाम 07:08 बजे तक सिंह राशि में रहेगा. इसके बाद चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेगा. धार्मिक और ज्योतिषीय पंचांग की गणनाएं स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकती हैं, इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित माना जाता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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