China Robotic Fish: चीन लगातार अपनी डिफेंस तकनीक में इजाफा करने में जुटा हुआ है. इसी क्रम में अब उसने रक्षा और समुद्री तकनीक के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है. दरअसल, बीजिंग में आयोजित एक ट्रेड फेयर में चीन ने ऐसी बायोनिक रोबोटिक मछली पेश की, जो देखने और तैरने में काफी हद तक असली मछली जैसी लगती है. करीब 3 किलोग्राम वजन वाली यह रोबोटिक फिश पारंपरिक अंडरवाटर ड्रोन्स की अपेक्षा अधिक नेचुरल और कम शोर के साथ पानी में तैर सकती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये समंदर में निगरानी रखने से लेकर जासूसी करने तक का काम कर सकती है.
असली मछली की तरह करता है मूवमेंट
चीनी मीडिया के मुताबिक इस रोबोटिक मछली के प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया है. इस रोबोटिक फिश को फेमस अरोवाना मछली से प्रेरित होकर तैयार किया गया है. इसके शरीर में 7 अलग-अलग सेगमेंट लगाए गए हैं. वहीं इसकी पूंछ के पास 3 घूमने वाले जॉइंट्स लगाए हैं. इससे यह मछली पानी में बेहद नेचुरल तरीके से बिल्कुल असली मछली की तरह ही तैर सकती है. यही वजह है कि इसे सामान्य अंडरवाटर रोबोट की तुलना में पहचानना मुश्किल होगा.
5 घंटे तक कर सकती है निगरानी
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बायोनिक रोबोटिक मछली एक बार चार्ज होने पर करीब 5 घंटे तक काम कर सकती है. इसके अगले हिस्से में एडवांस सोनार सिस्टम लगाया गया है, जो रास्ता खोजने, बाधाओं की पहचान करने और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करता है.
क्यों खास है यह तकनीक?
आमतौर पर अंडरवाटर ड्रोन्स में प्रोपेलर का इस्तेमाल होता है, जिससे आवाज और कंपन पैदा होते हैं. इससे उन्हें ट्रैक करना थोड़ा आसान हो जाता है. वहीं दूसरी ओर चीन की यह रोबोटिक मछली कम शोर करती है और बिल्कुल असली फिश जैसी दिखती है. इसके साथ ही यह पानी में तैरती है. ऐसे में जब यह निगरानी करेगी तो इसकी पहचान करना या ट्रैक करना मुश्किल होगा, जो इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है.
जासूसी और सैन्य अभियानों में होगा इस्तेमाल
माना जा रहा है कि भविष्य में ऐसे बायोमिमेटिक रोबोट समुद्री निगरानी, टोही मिशन और संवेदनशील इलाकों की खुफिया जानकारी जुटाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. ऐसे सिस्टम दुश्मन के जहाजों, पनडुब्बियों या समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं.

