Adani Energy Solutions: अडानी समूह की कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड को अपने कारोबार के विस्तार की दिशा में बड़ी मंजूरी मिल गई है. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने कंपनी को इंटेलिस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 100 प्रतिशत इक्विटी शेयर पूंजी के अधिग्रहण की अनुमति दे दी है. इस सौदे के तहत अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) से इंटेलिस्मार्ट की पूरी हिस्सेदारी खरीदेगी. करीब 3,050 करोड़ रुपये के इस सौदे से स्मार्ट मीटरिंग कारोबार में कंपनी की मौजूदगी बढ़ने की उम्मीद है.
CCI ने 100% हिस्सेदारी खरीदने को दी मंजूरी
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि उसने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड द्वारा इंटेलिस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 100 प्रतिशत इक्विटी शेयर पूंजी के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है. प्रस्तावित सौदे में इंटेलिस्मार्ट की पूरी हिस्सेदारी NIIF और EESL से खरीदी जाएगी. यह मंजूरी सौदे को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इससे पहले अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने जून में इस अधिग्रहण को लेकर बाध्यकारी सिक्योरिटीज परचेज और सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट करने की घोषणा की थी.
3,050 करोड़ रुपये में होगा अधिग्रहण
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस और इंटेलिस्मार्ट के बीच प्रस्तावित सौदे का मूल्य करीब 3,050 करोड़ रुपये है. इसमें इंटेलिस्मार्ट की 100 प्रतिशत इक्विटी शेयर पूंजी का अधिग्रहण शामिल है. इसके साथ ही NIIF के पास मौजूद वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर का भुगतान भी इस सौदे का हिस्सा है. इस अधिग्रहण के बाद इंटेलिस्मार्ट पूरी तरह अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के नियंत्रण में आ जाएगी.
क्या काम करती है इंटेलिस्मार्ट कंपनी?
इंटेलिस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर देश में बिजली क्षेत्र के लिए एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (AMI) उपलब्ध कराने का काम करती है. कंपनी स्मार्ट बिजली मीटर लगाने और उनसे जुड़ी सेवाओं के कारोबार में सक्रिय है. इसके अलावा यह स्मार्ट गैस मीटर लगाने के क्षेत्र में भी काम करती है. स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था के जरिए बिजली की खपत और बिलिंग से जुड़ी जानकारी को डिजिटल तरीके से दर्ज और प्रबंधित किया जा सकता है. ऐसे में इस कंपनी का अधिग्रहण अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के मीटरिंग कारोबार के विस्तार से जुड़ा है.
NIIF और EESL की क्या है भूमिका?
नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) भारत सरकार के समर्थन वाला वैकल्पिक परिसंपत्ति प्रबंधन फंड है. वहीं, एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) बिजली मंत्रालय के तहत आने वाले प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का संयुक्त उद्यम है. इंटेलिस्मार्ट में इन दोनों संस्थाओं की हिस्सेदारी रही है, जिसे अब अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस अधिग्रहण के तहत खरीदेगी.
बिजली ट्रांसमिशन और स्मार्ट मीटरिंग में सक्रिय है अडानी एनर्जी
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड अडानी समूह का हिस्सा है और भारत में पंजीकृत सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी है. इसके शेयर बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया में कारोबार करते हैं. कंपनी मुख्य रूप से बिजली ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तैनाती के कारोबार में सक्रिय है. इंटेलिस्मार्ट का अधिग्रहण इसी क्षेत्र में उसकी व्यावसायिक मौजूदगी को बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है.
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर का हाल
आखिरी कारोबारी सत्र में बीएसई पर अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड का शेयर 1,345.55 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ. एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,789 रुपये और न्यूनतम स्तर 804.70 रुपये रहा है.

