अब कुत्ते भी करेंगे वीडियो कॉल! वैज्ञानिकों ने बनाया ‘Dog Phone’, मालिक से कनेक्ट रहेंगे पेट्स

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Dog Phone: आज के दौर में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का ऐसा हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना एक पल रहना भी मुश्किल है. लेकिन अब सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि कुत्ते भी मोबाइल का इस्तेमाल कर सकेंगे. जी हां, अब पालतू कुत्ते भी अपने मालिकों से वीडियो कॉल पर बात कर पाएंगे. यह कोई मजाक नहीं, बल्कि विज्ञान की एक नई और चौंकाने वाली खोज है.

वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसी डिवाइस तैयार की है, जिसकी मदद से कुत्ते घर बैठे अपने मालिक से वीडियो कॉल कर सकते हैं. यह डिवाइस एक गेंद जैसी दिखती है और इसका नाम रखा गया है “डॉगफोन”. इस डिवाइस की खास बात यह है कि यह कुत्तों की गतिविधियों को पहचानने में सक्षम है. जैसे ही कोई कुत्ता इस गेंद को हिलाता है, इसमें मौजूद सेंसर एक्टिव हो जाते हैं और अपने आप वीडियो कॉल शुरू हो जाती है.

डॉग लवर्स के लिए वरदान

यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो की वैज्ञानिक डॉ. इलियेना ने इस अनोखी डिवाइस को ऑल्टो यूनिवर्सिटी के अपने साथी के साथ मिलकर बनाया है. डॉ. इलियेना एनिमल-कंप्यूटर इंटरैक्शन की विशेषज्ञ हैं और उन्होंने यह डिवाइस अपने 10 साल के पालतू कुत्ते जैक के लिए बनाई थी. पब्लिक में इस्तेमाल के लिए आ जाने के बाद ये फोन दुनिया भर के डॉग लवर्स के लिए टेक्नोलॉजी का सबसे अच्छे उपयोग में से एक साबित होगा.

डॉगफोन का मकसद

डॉ. इलियेना का कहना है कि कई पेट लवर्स अपने डॉगी से हर समय कनेक्ट रहना चाहते हैं. बाजार में कई स्मार्ट टॉयज मौजूद हैं लेकिन अब तक कोई ऐसी तकनीक नहीं थी जो कुत्तों को अपने मालिक से सीधा कनेक्ट कर सके. डॉगफोन इस कमी को पूरा करता है.

ऑटोमेटिक वीडियो कॉल

इस डॉगफोन डिवाइस को कंप्यूटर से जोड़ा जा सकता है. जैसे ही कुत्ता इसे हिलाता है, इसमें लगे एक्सीलेरोमीटर (हिलने की गति पहचानने वाला सेंसर) सक्रिय हो जाता है और अपने आप वीडियो कॉल शुरू हो जाती है. वैज्ञानिकों का यह अनोखा आविष्कार उन पेट लवर्स के लिए वरदान साबित हो सकता है, जो अपने पालतू जानवरों से हर समय जुड़ा रहना चाहते हैं.

यह भी पढ़े: नहीं रहे ‘महाभारत’ में कर्ण के किरदार से पहचान बनाने वाले पंकज धीर, कैंसर ने ली जान!

Latest News

India Energy Capacity: भारत की कुल ऊर्जा क्षमता 552 GW के पार, सोलर और विंड एनर्जी ने पकड़ी रफ्तार

भारत की कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता जुलाई 2026 तक बढ़कर 552 गीगावाट हो गई है. गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा की हिस्सेदारी 54 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच गई है. सोलर और विंड एनर्जी के साथ रूफटॉप सोलर में भी तेजी देखने को मिली है.

More Articles Like This

Exit mobile version