13 July 2026 Ka Panchang: सोमवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Aaj Ka Panchang 13 July 2026: आज सोमवार, 13 जुलाई 2026 है. हिंदू पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो शाम 6:49 बजे तक रहेगी. इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी. आज आद्रा नक्षत्र देर रात 2:51 बजे तक रहेगा, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ होगा. वहीं ध्रुव योग शाम 4:00 बजे तक रहेगा, इसके बाद व्याघात योग प्रारंभ होगा. अगर आप पूजा-पाठ, शुभ कार्य या किसी नए काम की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग में बताए गए शुभ और अशुभ मुहूर्त की जानकारी जरूर जान लें.

आज का पंचांग (13 जुलाई 2026)

  • वार: सोमवार
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
  • शक संवत: 1948 (पराभव)
  • पूर्णिमांत मास: आषाढ़
  • अमांत मास: ज्येष्ठ
  • वैदिक ऋतु: ग्रीष्म
  • द्रिक ऋतु: वर्षा

तिथि

  • कृष्ण पक्ष चतुर्दशी – शाम 6:49 बजे तक
  • इसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ

नक्षत्र

  • आद्रा – रात 2:51 बजे तक
  • इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र

योग

  • ध्रुव योग – शाम 4:00 बजे तक
  • इसके बाद व्याघात योग

करण

  • विष्टि – सुबह 8:40 बजे तक
  • शकुनि – शाम 6:50 बजे तक
  • चतुष्पद – अगले दिन सुबह 5:00 बजे तक
  • इसके बाद नाग करण

सूर्य और चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय: सुबह 5:53 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 7:11 बजे
  • चंद्रोदय: सुबह 4:11 बजे
  • चंद्रास्त: शाम 6:31 बजे

आज का राहुकाल

  • राहुकाल: सुबह 7:33 बजे से 9:13 बजे तक

अन्य अशुभ मुहूर्त

  • यमगण्ड: सुबह 10:52 बजे से 12:32 बजे तक
  • कुलिक काल: दोपहर 2:12 बजे से 3:52 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:59 बजे से 1:52 बजे तक और 3:38 बजे से 4:32 बजे तक
  • वर्ज्यम्: दोपहर 1:05 बजे से 2:30 बजे तक

आज के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:17 बजे से 5:05 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:59 बजे तक
  • अमृत काल: शाम 6:01 बजे से 7:26 बजे तक

आनंदादि योग

  • कालदण्ड – रात 2:51 बजे तक
  • इसके बाद ध्रूम योग

सूर्य और चंद्र राशि

  • सूर्य: मिथुन राशि में विराजमान हैं.
  • चंद्रमा: पूरे दिन और रात मिथुन राशि में गोचर करेंगे.

चंद्र मास और ऋतु

  • अमांत मास: ज्येष्ठ
  • पूर्णिमांत मास: आषाढ़
  • राष्ट्रीय शक कैलेंडर: आषाढ़ 22, संवत 1948
  • वैदिक ऋतु: ग्रीष्म
  • द्रिक ऋतु: वर्षा

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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