जीवन में समता है तो तन और मन दोनों रहेंगे स्वस्थ: दिव्य मोरारी बापू

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जीवन में यदि समता है तो समझो आप शरीर से भी स्वस्थ हैं, मन से भी स्वस्थ हैं। जीवन में समता नहीं तो आप न शरीर से स्वस्थ होंगे और न ही मन से। समता का विकास इतना जरूरी है कि आने वाली प्रत्येक परिस्थिति को आप झेल सकें। आज वैज्ञानिकों ने अनुसंधान कर यह सिद्ध किया है कि हृदय रोग व कैंसर जैसे असाध्य रोगों से काफी जनता पीड़ित है, उसके विभिन्न कारणों में कुछ कारण है मानसिक व भावनात्मक असंतुलन।
आज की पीढ़ी में क्रोध, प्रतिक्रिया, प्रतिस्पर्धा और असहिष्णुता का ऐसा दौर बढ़ रहा है कि वे छोटी-छोटी बातों की मन में गांठ बांध लेते हैं। ये गांठे ही आगे जाकर कैंसर जैसी असाध्य बीमारियों की सर्जक है। इन असाध्य रोगों से मुक्त होने के लिये मन को सरल व‌ सहज बनाना होगा। क्षमा करना व क्षमा मान लेना सीखना होगा। छोटी-छोटी बातों की गांठे बांधनी छोड़नी होगी।
सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।
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