Solar Eclipse 2026: 12 अगस्त को एक बार फिर दुनिया को आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा. यह नजारा साल के पहले पूर्ण सूर्य ग्रहण का है, जो ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल में...
11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि पर चतुर्ग्रही योग, बुधादित्य योग और गजकेसरी योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मेष, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को इस दौरान धन लाभ, करियर में सफलता और आर्थिक उन्नति के प्रबल योग बन रहे हैं.
11 अगस्त 2026 को शुक्र ग्रह हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. इस नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन मेष, कर्क, तुला और मकर राशि के लोगों को 25 अगस्त तक धन, करियर और निवेश से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, त्रिपुरासुर की कथा आती है। तारकासुर जिसका उद्धार भगवान कार्तिकेय के द्वारा हुआ। उसके तीन पुत्र थे, तारकाक्ष बिंदुन्माली और कमलाक्ष। तारकासुर की मृत्यु के बाद ये दानव जाति के राजा बनें।...
Surya Jal Samagri: नवग्रह में भगवान सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता हैं. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का संबंध पिता से होता है. इसके अलावा सूर्य को आत्मा, प्रतिष्ठा, मान-सम्मान, सरकारी नौकरी, नेतृत्व क्षमता, शासन सत्ता और उच्च...
6 अगस्त की देर रात चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर करेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह गोचर 9 अगस्त तक मिथुन, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए कुछ मामलों में चुनौतीपूर्ण रह सकता है. जानिए किन बातों का रखना होगा विशेष ध्यान.
आज का दिन कुछ राशियों के लिए तरक्की और धन लाभ लेकर आ सकता है, जबकि कुछ को सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत होगी. जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का करियर, बिजनेस, शिक्षा, प्रेम और परिवार के लिहाज से कैसा रहेगा दिन.
7 अगस्त 2026, शुक्रवार को श्रावण कृष्ण नवमी, कृत्तिका नक्षत्र और वृद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है. जानिए आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त और पूरा पंचांग.
3 जून 2027 को शनि के मेष राशि में प्रवेश के साथ कन्या और मकर राशि पर शनि की ढैय्या शुरू होगी, जबकि सिंह और धनु राशि के जातकों को इससे राहत मिलने की संभावना है. जानिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसका संभावित प्रभाव.
सावन शिवरात्रि 2026 पर रुद्राभिषेक कराने का सबसे शुभ समय कौन सा है? जानिए ब्रह्म मुहूर्त, प्रदोष काल, चार प्रहर पूजा का समय और किन पवित्र द्रव्यों से रुद्राभिषेक करना शुभ माना जाता है.