10 June 2026 Ka Panchang: बुधवार का पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

10 June 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखने की परंपरा रही है. पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण और राहुकाल जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त होती हैं, जिनका विशेष महत्व माना जाता है. 10 जून 2026, बुधवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई विशेष संयोग लेकर आया है.

इस दिन अधिक ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी. साथ ही सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है, जिसे शुभ और मंगलकारी योगों में गिना जाता है. इसके अलावा दिन की शुरुआत उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में होगी और बाद में रेवती नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा. वहीं दोपहर के बाद पृथ्वी लोक की भद्रा भी लगने जा रही है.

ऐसे में जो लोग बुधवार को कोई महत्वपूर्ण कार्य, पूजा-पाठ या मांगलिक कार्य करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए दिनभर के शुभ-अशुभ समय की जानकारी बेहद जरूरी है.

10 जून 2026 का पंचांग

  • तिथि – अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की दशमी
  • दशमी तिथि समाप्त – रात 12 बजकर 58 मिनट तक
  • वार – बुधवार
  • योग – सौभाग्य योग
  • नक्षत्र – सुबह 9 बजकर 22 मिनट तक उत्तरा भाद्रपद, इसके बाद रेवती नक्षत्र
  • भद्रा काल – दोपहर 1 बजकर 47 मिनट से रात 12 बजकर 58 मिनट तक (पृथ्वी लोक की भद्रा)

सौभाग्य योग का महत्व

10 जून को पूरे दिन और पूरी रात पार करके भोर 4:03 मिनट तक सौभाग्य योग रहेगा. ज्योतिष शास्त्र में सौभाग्य योग को अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्यों में सफलता प्राप्त होती है और सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है. विशेष रूप से विवाह, मांगलिक कार्य, नई शुरुआत और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए इस योग को लाभकारी माना जाता है. नाम के अनुरूप यह योग सौभाग्य और उन्नति प्रदान करने वाला माना गया है.

रेवती नक्षत्र का प्रभाव

बुधवार को सुबह 9 बजकर 22 मिनट तक उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद रेवती नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा. वैदिक ज्योतिष में रेवती को 27 नक्षत्रों में अंतिम नक्षत्र माना गया है. इसे समृद्धि, सुख-सुविधा और शुभता का प्रतीक माना जाता है. रेवती नक्षत्र का संबंध मीन राशि से माना जाता है, जिसके स्वामी गुरु ग्रह हैं, जबकि नक्षत्र स्वामी बुध ग्रह हैं.

मान्यता है कि रेवती नक्षत्र में किए गए कार्यों में स्थिरता और सफलता प्राप्त हो सकती है. इस नक्षत्र को धन, सुख और अच्छे जीवन से भी जोड़कर देखा जाता है.

भद्रा का समय

10 जून को दोपहर 1 बजकर 47 मिनट से रात 12 बजकर 58 मिनट तक पृथ्वी लोक की भद्रा रहेगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में कुछ शुभ और मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है. इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बनाते समय भद्रा के समय का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है.

राहुकाल का समय

  • दिल्ली – दोपहर 12:21 बजे से 02:05 बजे तक
  • मुंबई – दोपहर 12:38 बजे से 02:17 बजे तक
  • चंडीगढ़ – दोपहर 12:22 बजे से 02:08 बजे तक
  • लखनऊ – दोपहर 12:06 बजे से 01:49 बजे तक
  • भोपाल – दोपहर 12:20 बजे से 02:01 बजे तक
  • कोलकाता – सुबह 11:36 बजे से दोपहर 01:17 बजे तक
  • अहमदाबाद – दोपहर 12:39 बजे से 02:20 बजे तक
  • चेन्नई – दोपहर 12:08 बजे से 01:45 बजे तक

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय – सुबह 5 बजकर 21 मिनट
  • सूर्यास्त – शाम 7 बजकर 18 मिनट

धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से 10 जून 2026 का दिन सौभाग्य योग और रेवती नक्षत्र के कारण विशेष माना जा रहा है. हालांकि दोपहर बाद भद्रा का प्रभाव भी रहेगा, इसलिए शुभ कार्यों की योजना बनाते समय पंचांग के समयों का ध्यान रखना लाभकारी माना जाता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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