Panchang 18 October 2026: 18 अक्टूबर 2026, रविवार को शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन है. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाएगी. कई श्रद्धालु अष्टमी के अवसर पर कन्या पूजन भी करेंगे. पंचांग के अनुसार, सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक सप्तमी तिथि रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी. रविवार को सुकर्मा योग रात 11 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. वहीं, दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लग जाएगा. आइए जानते हैं 18 अक्टूबर का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय…
18 अक्टूबर 2026 का पंचांग
- आश्विन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी.
- सुकर्मा योग रात 11 बजकर 56 मिनट तक रहेगा.
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लग जाएगा.
- विशेष: शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन, मां महागौरी की पूजा और कन्या पूजन.
18 अक्टूबर 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4:45 बजे से 5:35 बजे तक.
- प्रातः संध्या- सुबह 5:10 बजे से 6:25 बजे तक.
- अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:47 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक.
- गोधूलि मुहूर्त– शाम 5:54 बजे से 6:19 बजे तक.
- सायाह्न संध्या– शाम 5:54 बजे से शाम 7:09 बजे तक.
18 अक्टूबर 2026 को शहरों के अनुसार राहुकाल
- दिल्ली- शाम 4:23 बजे से शाम 5:49 बजे तक.
- मुंबई- शाम 4:46 बजे से शाम 6:14 बजे तक.
- चंडीगढ़- शाम 4:23 बजे से शाम 5:48 बजे तक.
- लखनऊ- शाम 4:09 बजे से शाम 5:35 बजे तक.
- भोपाल- शाम 4:25 बजे से शाम 5:52 बजे तक.
- कोलकाता- दोपहर 3:42 बजे से शाम 5:09 बजे तक.
- अहमदाबाद- शाम 4:45 बजे से शाम 6:11 बजे तक.
- चेन्नई- शाम 4:20 बजे से शाम 5:48 बजे तक.
18 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 6:22 बजे.
- सूर्यास्त- शाम 5:48 बजे.
नवरात्रि अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा का महत्व
नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी की आराधना करने से कष्टों और दुखों से मुक्ति मिलती है. भक्त सुख-समृद्धि और शांति की कामना के साथ माता की पूजा करते हैं. मान्यता है कि मां महागौरी की कृपा से शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और जीवन की परेशानियों को दूर करने में सहायता मिलती है. मां महागौरी की पूजा विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए भी फलदायी मानी जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी का संबंध राहु ग्रह से भी माना जाता है. इसलिए अष्टमी तिथि पर उनकी पूजा करने से राहु के अशुभ प्रभावों से राहत मिलने की मान्यता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
यी भी पढ़े: मां चन्द्रघंटा की शक्ति से संचालित होता है संपूर्ण संसार: दिव्य मोरारी बापू

