Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना के बाद, आता है तीसरा दिन। तीसरा दिन माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप माँ चन्द्रघण्टा को समर्पित है।माँ का यह स्वरूप शक्ति,शान्ति और साहस का अद्भुत संगम माना जाता है। मां के मस्तक पर सुशोभित अर्धचन्द्र घंटे के आकार का दिखाई देता है, इसी विशेष स्वरुप के कारण उन्हें माँ चन्द्रघंटा कहा जाता है।

