Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और पूजा-अर्चना के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है. इस दौरान देशभर के शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है और श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित कर भोलेनाथ की कृपा पाने की कामना करते हैं. हालांकि भगवान शिव को हर फूल अर्पित नहीं किया जाता.
भगवान शिव को प्रिय माने जाते हैं ये फूल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ फूल शिवजी को बेहद प्रिय माने जाते हैं, जबकि कुछ फूलों को चढ़ाने की मनाही बताई गई है. भगवान शिव को सफेद रंग के फूल विशेष रूप से प्रिय माने जाते हैं. आक का फूल, धतूरे का फूल, कनेर का सफेद फूल, चमेली, जूही और बेला के फूल शिव पूजा में शुभ माने जाते हैं. इन फूलों को श्रद्धा और साफ मन से अर्पित करने पर भगवान शिव प्रसन्न होते हैं, ऐसी मान्यता है. इसके अलावा शमी के पत्ते, बेलपत्र और धतूरा भी शिव आराधना का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं. यदि ताजे और सुगंधित फूल उपलब्ध हों तो उनका उपयोग करना सबसे उत्तम माना जाता है.
भूल से भी न चढ़ाए ये फूल
वहीं केतकी के फूल को शिव पूजा में नहीं चढ़ाया जाता. इसके पीछे पौराणिक मान्यता जुड़ी हुई है, जिसके अनुसार केतकी के फूल ने एक प्रसंग में झूठी गवाही दी थी, जिसके बाद भगवान शिव ने इसे अपनी पूजा से वर्जित कर दिया था. पूजा के दौरान इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि मुरझाए, टूटे हुए या जमीन पर गिरे फूलों का इस्तेमाल न करें. फूल हमेशा साफ और ताजे होने चाहिए.