Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, पूरे संसार की समस्याओं का एक मूल कारण है, वह है इच्छा हम करते हैं और उसकी क्रिया दूसरों से करवाना चाहते हैं। मन तुम्हारा, तन उसका, यह तो हिंसा है, अपराध है। यह नहीं हो सकता। सब व्यक्तियों के जीवन में संघर्ष का मूल बीज वहीं से अंकुरित होता है। समाज छोड़ दीजिये, घर में पांचा-सात व्यक्ति हों जिनमें तुम इच्छा करते हो और सोचते हो, यह व्यक्ति ऐसा करे। इच्छा तुम्हारी और क्रिया उसकी। हां कोई वात्सल्य से, आदर से कबूल कर ले बात ठीक है।
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