Reporter
The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, स्वयं के हाथों सत्कर्म में प्रयुक्त होने वाला धन ही अपना है। धन के लिए प्रयत्न करो, पाप नहीं। जीवन में धन गौड़ है परमात्मा मुख्य हैं। आप अधिक पाप करोगे तो भी अधिक धन मिलने वाला नहीं है। पाप का धन किसी को भी शान्ति नहीं देता।
बहुत लोग खूब धन कमाते हैं और भौतिक सुख भोगते हैं, किन्तु उनमें आन्तरिक शान्ति नहीं होती। धन कमाना सरल है, उसका सदुपयोग करना कठिन है। थोड़ा धन संसार के सुख सुविधाओं में खर्च हो और बाकी धन प्रभु-सेवा में काम आये तो लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। सदुपयोग के बिना सम्पत्ति अभिशाप बन जाती है। लक्ष्मी जीव की नहीं, ईश्वर की शक्ति हैं।
सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।
52वीं पुरुष एवं 44वीं महिला नेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 के पांचवें दिन महिला 69 और 76 किलो भार वर्ग में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. स्पेशल ओलम्पिक में लगभग 44 दिव्यांग खिलाड़ियों ने भी विभिन्न श्रेणियों में हिस्सा लिया.