अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने गुरुवार को वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए. अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी का एडजस्टेड कर पश्चात मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 30% की बढ़त के साथ 574 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. वहीं, Q3 FY26 में कंपनी की कुल आय 15.7% बढ़कर रिकॉर्ड 6,945 करोड़ रुपये हो गई. कंपनी ने बताया कि यह मजबूत प्रदर्शन बेहतर ऑपरेशनल दक्षता के कारण संभव हुआ है.
EBITDA में 20.7% की बढ़त, सभी सेगमेंट्स का योगदान
एईएसएल ने कहा कि वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 20.7% बढ़कर 2,210 करोड़ रुपये हो गया है. इसकी वजह ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और स्मार्ट मीटर सेगमेंट में मजबूत वृद्धि रही है. वित्त वर्ष 26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर 16.2% बढ़कर 20,737 करोड़ रुपये हो गई है. वहीं, EBITDA 15.9% की बढ़त के साथ 6,354 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.
नौ महीनों में मुनाफा और पूंजीगत खर्च में तेज उछाल
इस अवधि में कंपनी का एडजस्टेड PAT सालाना आधार पर 34.4% की बढ़ोतरी के साथ 1,670 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 26 के पहले नौ महीनों में उसका पूंजीगत खर्च 1.24 गुना बढ़कर 9,294 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 25 की समान अवधि में यह 7,475 करोड़ रुपये था. इन नौ महीनों के दौरान कंपनी ने चार ट्रांसमिशन परियोजनाओं को परिचालन में लाया, जिनमें नॉर्थ करणपुरा ट्रांसमिशन (एनकेटीएल), खावड़ा फेज-II पार्ट-ए, खावड़ा पूलिंग स्टेशन-1 (केपीएस-1) और सांगोद ट्रांसमिशन शामिल हैं. इसके अलावा, अप्रैल से दिसंबर की अवधि में कंपनी ने 61.2 लाख नए स्मार्ट मीटर भी स्थापित किए हैं.
सीईओ का बयान: आगे भी ग्रोथ बनी रहेगी
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा कि उन्हें एक और मजबूत तिमाही परिणाम देने पर बेहद खुशी है. उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद मजबूत जमीनी क्रियान्वयन, केंद्रित संचालन एवं रखरखाव और पूंजी प्रबंधन जैसी प्रमुख क्षमताओं ने परियोजना विकास में निरंतर प्रगति को संभव बनाया है. उन्होंने आगे बताया कि कंपनी ने चालू वित्तीय वर्ष में चार ट्रांसमिशन परियोजनाओं को शुरू किया है और लगभग 92.5 लाख मीटर का प्रभावशाली आंकड़ा हासिल किया है. आने वाले समय में कंपनी के सभी व्यावसायिक क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं मजबूत बनी रहने की उम्मीद है.