भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई रफ्तार देने की दिशा में एसोचैम इन्वेस्टर कनेक्ट (ASSOCHAM Investor Connect) के दूसरे संस्करण में देशभर के करीब 70 स्टार्टअप्स ने कुल 1,500 करोड़ रुपये के निवेश की मांग रखी. कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यमियों, निवेशकों, कॉरपोरेट कंपनियों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाकर इनोवेशन आधारित स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाना था. इस दौरान युवाओं की बढ़ती भागीदारी और टियर-2 व टियर-3 शहरों से उभरते स्टार्टअप्स ने भी खास आकर्षण का केंद्र बने.
450 से ज्यादा स्टार्टअप्स ने किया आवेदन
एसोचैम के मुताबिक इस कार्यक्रम के लिए देशभर से 450 से अधिक स्टार्टअप्स ने आवेदन किया था. निवेशकों की प्राथमिकताओं और कड़े मूल्यांकन के बाद इनमें से 200 स्टार्टअप्स को शॉर्टलिस्ट किया गया. आखिरकार करीब 70 स्टार्टअप्स ने निवेशकों के सामने अपने बिजनेस मॉडल पेश करते हुए लगभग 1,500 करोड़ रुपये के निवेश की मांग की.
युवाओं की भागीदारी में बड़ा इजाफा
इस बार के आयोजन की सबसे बड़ी खासियत युवा इनोवेटर्स की बढ़ती भागीदारी रही. कार्यक्रम में युवाओं की हिस्सेदारी पहले संस्करण के करीब 15 प्रतिशत से बढ़कर इस बार लगभग 30 प्रतिशत पहुंच गई. इसे भारत में तेजी से बढ़ रही उद्यमिता और नवाचार की भावना का संकेत माना जा रहा है.
‘भारत का स्टार्टअप भविष्य सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा मामलों के विभाग के तहत माई भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा, “भारत के युवाओं के पास विचारों की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल अवसर, सही मार्गदर्शन, अनुभव और संसाधनों तक पहुंच की जरूरत है। आने वाले समय के सफल स्टार्टअप फाउंडर्स सिर्फ महानगरों से ही नहीं, बल्कि टियर-2, टियर-3, टियर-4 शहरों, गांवों और आकांक्षी जिलों से भी सामने आएंगे.”
टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा
एमईआईटीवाई स्टार्टअप हब के सीईओ डॉ. पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल ने कहा कि स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और निवेशकों के बीच मजबूत साझेदारी भविष्य की टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों को नई दिशा देगी. उन्होंने कहा, “वास्तविक समस्याओं का समाधान करने वाले, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (आईपी) विकसित करने वाले और मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस के साथ टिकाऊ कारोबार खड़ा करने वाले स्टार्टअप्स भारत की इनोवेशन आधारित आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभाएंगे.”
मेंटरशिप और मार्केट लिंकज पर भी रहेगा फोकस
एसोचैम की असिस्टेंट सेक्रेटरी जनरल डॉ. अंबिका शर्मा ने कहा, “हम ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां संभावनाशील स्टार्टअप्स को सिर्फ पूंजी ही नहीं, बल्कि मेंटरशिप, मार्केट लिंकज और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप भी मिल सके.” उन्होंने कहा, “हम टियर-2 और टियर-3 शहरों तक अपनी पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ ऐसे सार्थक सहयोग विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो इनोवेशन को बड़े और सफल कारोबार में बदल सकें.”
इन सेक्टर्स के स्टार्टअप्स ने पेश किए आइडिया
कार्यक्रम में 28 प्रमुख निवेशकों ने हिस्सा लिया और शॉर्टलिस्ट किए गए स्टार्टअप्स के साथ वन-ऑन-वन पिचिंग सेशन किए. इन स्टार्टअप्स ने डिफेंस टेक, स्पेस टेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्लाइमेट टेक, साइबर सिक्योरिटी, फिनटेक, SaaS, कंज्यूमर टेक, ईवी और मोबिलिटी, हेल्थ टेक, क्लीन टेक, एग्रीटेक और आईटी/आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में अपने बिजनेस मॉडल और नवाचार प्रस्तुत किए.
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