Auto Retail Sales: त्योहारी सीजन की दस्तक के साथ देश के ऑटोमोबाइल बाजार में खरीदारी का जोश साफ नजर आया है. सितंबर में घरेलू ऑटोमोबाइल रिटेल बिक्री ने अब तक का सबसे ऊंचा मासिक आंकड़ा दर्ज किया. दोपहिया से लेकर यात्री वाहन और कमर्शियल वाहनों तक लगभग सभी प्रमुख श्रेणियों में बिक्री बढ़ी. उद्योग संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 31.82 प्रतिशत अधिक है. अगस्त की तुलना में भी सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री 4.69 प्रतिशत बढ़ी.
फाडा के मुताबिक, सितंबर उद्योग के लिए अब तक का सबसे अच्छा महीना रहा. हालांकि, सालाना आधार पर हुई तेज बढ़ोतरी को समझते समय पिछले साल के कम आधार को ध्यान में रखना जरूरी है. सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 लागू होने से पहले ग्राहकों ने खरीदारी टाल दी थी, जिसका असर उस समय की बिक्री पर पड़ा था.
पांच वाहन श्रेणियों में रिकॉर्ड बिक्री
सितंबर में छह में से पांच वाहन श्रेणियों में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भी कुल ऑटो रिटेल बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर रही. अप्रैल से सितंबर के दौरान 1,55,12,319 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 20.77 प्रतिशत अधिक है. श्रेणीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो दोपहिया वाहनों की बिक्री सितंबर में 33.08 प्रतिशत बढ़कर 17,90,188 इकाई पहुंच गई. यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री भी 32.10 प्रतिशत बढ़ी और यह 4,27,213 इकाई रही.
कमर्शियल वाहनों की बिक्री पहली बार 1 लाख के पार
कमर्शियल वाहन बाजार में सितंबर का महीना खास रहा. इस श्रेणी की बिक्री सालाना आधार पर 37.62 प्रतिशत बढ़कर 1,03,557 इकाई हो गई. यह पहली बार है जब सितंबर में कमर्शियल वाहनों की खुदरा बिक्री एक लाख इकाई के आंकड़े को पार कर गई. वहीं, तिपहिया वाहनों की बिक्री 22.25 प्रतिशत बढ़कर 1,32,570 इकाई रही. ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री में भी 13.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 76,906 इकाई पर पहुंच गई. निर्माण उपकरणों की बिक्री 38 प्रतिशत बढ़कर 6,486 इकाई रही.
फाडा ने बताया सितंबर का प्रदर्शन क्यों रहा खास
फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर ने सितंबर 2026 को भारतीय ऑटो रिटेल के इतिहास का सबसे अच्छा सितंबर बताया. उन्होंने कहा कि पहली छमाही की रिकॉर्ड बिक्री, अगस्त के मुकाबले सितंबर में 4.69 प्रतिशत की वृद्धि और वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि महत्वपूर्ण संकेतक हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पहले पांच महीनों के आंकड़े में सितंबर की असामान्य सालाना तुलना शामिल नहीं है. ऐसे में शुरुआती पांच महीनों की वृद्धि ऑटो रिटेल बाजार की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण है.
इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की मांग बढ़ी
सितंबर में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत रही. यह पेट्रोल वाहनों की 41.27 प्रतिशत हिस्सेदारी के लगभग बराबर है. वहीं, यात्री वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच बढ़कर 8.45 प्रतिशत हो गई. सभी वाहन श्रेणियों को मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री भी सितंबर में करीब 3.34 लाख इकाई के सर्वकालिक मासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई. इससे कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 13 प्रतिशत हो गई.
अक्टूबर में भी बिक्री बढ़ने की उम्मीद
ऑटो डीलरों को अक्टूबर में भी बिक्री मजबूत रहने की उम्मीद है. फाडा के सर्वे के मुताबिक, 75.57 प्रतिशत डीलरों को अक्टूबर में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है. वहीं, 19.46 प्रतिशत डीलरों ने बाजार के स्थिर रहने का अनुमान जताया है, जबकि 4.98 प्रतिशत डीलरों को बिक्री में गिरावट की आशंका है. उद्योग को उम्मीद है कि पितृ पक्ष के दौरान टली हुई खरीदारी नवरात्रि और दशहरा के दौरान वाहनों की डिलीवरी में बदल सकती है. बुकिंग का रुझान भी मजबूत बताया गया है. करीब 63 प्रतिशत डीलरों ने बुकिंग में बढ़ोतरी की जानकारी दी है.
अक्टूबर-दिसंबर में कैसा रहेगा बाजार?
फाडा के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर की अवधि को लेकर भी डीलर सकारात्मक नजर आ रहे हैं. इस अवधि में 78.28 प्रतिशत डीलरों को बिक्री बढ़ने की उम्मीद है. वहीं, 17.65 प्रतिशत डीलरों को बाजार के स्थिर रहने का अनुमान है, जबकि करीब 4 प्रतिशत डीलरों को बिक्री घटने की आशंका है. त्योहारी मांग, मजबूत बुकिंग और नवरात्रि-दशहरा के दौरान संभावित डिलीवरी को देखते हुए ऑटोमोबाइल उद्योग को उम्मीद है कि साल की दूसरी छमाही में भी खुदरा बिक्री की रफ्तार मजबूत बनी रह सकती है.
यह भी पढ़े: Services PMI: सितंबर में तेज हुई सर्विस सेक्टर की रफ्तार, घरेलू मांग और नए ऑर्डर्स ने दिया जोर

