GST Council Meeting: जीएसटी से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं में बदलाव का इंतजार कर रहे कारोबारियों और करदाताओं के लिए अहम खबर है. जीएसटी परिषद की प्रस्तावित 57वीं बैठक की तारीख एक बार फिर बदल दी गई है. पहले यह बैठक 7 अक्टूबर को होने वाली थी, लेकिन अब इसे एक दिन आगे बढ़ाकर 8 अक्टूबर कर दिया गया है. बैठक में जीएसटी अनुपालन को आसान बनाने और कारोबारियों पर प्रक्रियात्मक बोझ कम करने से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा होने की उम्मीद है. जीएसटी परिषद सचिवालय ने एक कार्यालय ज्ञापन जारी कर बैठक की तारीख में बदलाव की जानकारी दी है. इसमें कहा गया है कि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण बैठक को पुनर्निर्धारित किया गया है.
निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होगी बैठक
57वीं जीएसटी परिषद की बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी. इसमें केंद्र सरकार के साथ राज्यों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. बैठक में जीएसटी व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के कई प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है. खास तौर पर कारोबारियों और करदाताओं के लिए पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने और रिफंड हासिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर चर्चा होने की उम्मीद है. इसके अलावा जीएसटी विवादों के समाधान और इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रवाह को बेहतर बनाने से जुड़े उपायों पर भी विचार किया जा सकता है.
पंजीकरण से लेकर रिफंड तक नियम आसान करने की तैयारी
रिपोर्टों के मुताबिक, परिषद जीएसटी के तहत पंजीकरण, रिटर्न और रिफंड की प्रक्रियाओं में सुधार पर विचार कर सकती है. इसका मकसद कारोबारियों के लिए अनुपालन में लगने वाले समय और लागत को कम करना है. इसके साथ ही विवादों के निपटारे की प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हो सकती है. इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े नियमों में सुधार भी प्रस्तावित बदलावों का हिस्सा हो सकता है, जिससे कारोबारियों को आईटीसी के इस्तेमाल में होने वाली प्रक्रियात्मक दिक्कतें कम करने में मदद मिल सके.
कानून समिति की सिफारिशों पर भी होगी चर्चा
ये प्रस्ताव जीएसटी परिषद की कानून समिति की व्यापक सिफारिशों से जुड़े हुए हैं. समिति ने जीएसटी कानूनों को सरल बनाने के साथ-साथ जानबूझकर की गई कर चोरी और अनजाने में कर का भुगतान नहीं कर पाने वाले मामलों के बीच अंतर करने के तरीकों की भी समीक्षा की है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों और वास्तविक कारोबारी या प्रक्रियात्मक गलतियों को एक ही नजर से न देखा जाए.
फर्जी ITC और कर चोरी पर भी नजर
मौजूदा जीएसटी व्यवस्था में केंद्रीय जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत आयुक्त को गिरफ्तारी का आदेश देने का अधिकार है, यदि उनके पास यह मानने का कारण हो कि किसी व्यक्ति ने धारा 132 के तहत बताए गए अपराध किए हैं. इन अपराधों में कुछ गंभीर कर चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामले भी शामिल हैं. जीएसटी कानून में प्रस्तावित सुधारों के दौरान ऐसे मामलों से जुड़े प्रावधानों और उनके अनुपालन को भी ध्यान में रखा जा सकता है.
ई-कॉमर्स कारोबारियों को भी मिल सकती है राहत
जीएसटी परिषद की बैठक में ई-कॉमर्स के जरिए कारोबार करने वाले आपूर्तिकर्ताओं समेत दूसरे कारोबारियों के लिए अनुपालन आसान बनाने वाले उपायों पर भी चर्चा होने की संभावना है. अगर प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो कारोबारियों के लिए जीएसटी से जुड़े कामकाज में लगने वाला समय और प्रशासनिक बोझ कम हो सकता है.
पीएम मोदी और वित्त मंत्री पहले ही दे चुके हैं संकेत
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा था कि जीएसटी सुधारों का अगला चरण अनुपालन को आसान बनाने और रिफंड प्रक्रिया में सुधार पर केंद्रित होगा. इसका उद्देश्य कारोबारियों का निवेश और कारोबार के विस्तार को लेकर भरोसा बढ़ाना है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी कह चुकी हैं कि जीएसटी सुधारों के अगले चरण में पंजीकरण, रिटर्न, रिफंड, विवाद समाधान और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर ध्यान दिया जाएगा.
दूसरी बार बदली गई बैठक की तारीख
जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक पहले 12 सितंबर को प्रस्तावित थी. हालांकि, 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में भारत की मेजबानी में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण इसे आगे बढ़ाकर 7 अक्टूबर किया गया था. अब अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला देते हुए बैठक को 7 अक्टूबर से बदलकर 8 अक्टूबर कर दिया गया है. यानी जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक की तारीख में यह दूसरी बार बदलाव किया गया है.
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