कैपेक्स, सेवा क्षेत्र और AI को बढ़ावा देने से FY27 की कमाई को मिलेगा सपोर्ट: Report

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Budget 2026-27 growth outlook: केंद्रीय बजट में पूंजीगत खर्च (कैपेक्स), सेवा क्षेत्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर दिए गए जोर से वित्त वर्ष 2026-27 में कमाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है. वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का फिस्कल कंसोलिडेशन भले ही अनुमान से कुछ धीमा रहे, लेकिन इससे आर्थिक ग्रोथ को सपोर्ट मिलता रहेगा. इसके साथ ही शेयर बायबैक के चलते इक्विटी बाजार में बढ़ती मांग भी कॉरपोरेट कमाई को सहारा देने का काम करेगी.

ग्र्रोथ और फिस्कल संतुलन पर फोकस

रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट में कर्ज और जीडीपी के अनुपात को कम करने की कोशिश के साथ-साथ ग्रोथ को सपोर्ट करने का संतुलन बनाया गया है. इसके लिए चक्रीय (साइक्लिकल) और संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) दोनों तरह के कदम उठाए गए हैं. मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि वह भारतीय शेयर बाजार को लेकर सकारात्मक है. वैश्विक ब्रोकरेज का मानना है कि फाइनेंशियल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर में निवेश के अच्छे मौके हैं.

फिस्कल डेफिसिट और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

बजट में FY26-27 के लिए फिस्कल डेफिसिट को जीडीपी के 4.3% तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं, वित्त वर्ष 2027 में केंद्र सरकार का कर्ज जीडीपी के अनुपात में 55.6% रहने का अनुमान जताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, बजट ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है. इनमें पहला मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर है, जहां सेमीकंडक्टर (आईएसएम 2.0), रेयर अर्थ मैग्नेट और पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स को मजबूत करने जैसे कदम शामिल किए गए हैं.

सेवा क्षेत्र और कैपेक्स को बढ़ावा

रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट में सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. इनमें डेटा सेंटर्स के लिए टैक्स में छूट, सेफ हार्बर लिमिट बढ़ाना और 2047 तक वैश्विक निर्यात में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का लक्ष्य शामिल है. इसके साथ ही बजट में एक बार फिर पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) पर खास जोर दिया गया है. कुल कैपेक्स में साल-दर-साल 11.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जबकि रक्षा क्षेत्र के कैपेक्स को 18 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है. इसके अलावा, बजट में राजकोषीय घाटा घटाने की प्रक्रिया को जारी रखा गया है, हालांकि महामारी के बाद इसकी रफ्तार सबसे धीमी मानी जा रही है.

कैपेक्स से रिकवरी और दीर्घकालिक ग्रोथ

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, कैपेक्स पर यह फोकस आर्थिक रिकवरी को मजबूती देगा. वित्त वर्ष 2027 में केंद्र सरकार का कैपेक्स जीडीपी का 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2026 के संशोधित आंकड़े के समान है. साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने वाले कदम भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को गति देंगे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बजट के अनुमान यथार्थवादी प्रतीत होते हैं. वित्त वर्ष 2027 के लिए नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 10 प्रतिशत और डायरेक्ट टैक्स रेवेन्यू ग्रोथ 11.4 प्रतिशत आंकी गई है.

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