New Delhi: चीनी के बाद अब प्याज की कीमतों में उछाल आया है. खुदरा बाजार में प्याज 50 से 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकने लगी है. इसे देखते हुए सरकार आम लोगों को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है, ताकि उनकी थाली से प्याज मिस्टर इंडिया न बन जाए. केंद्र सरकार दिल्ली-NCR में रियायती दरों पर प्याज मुहैया कराने की तैयारी में है. इससे 55 के बजाय ₹35 प्रति किलो के हिसाब से बेचने की तैयार है.
खुदरा कीमतों पर लगाम लगाने के लिए खास प्लान
चीनी के बाद अब प्याज की बढ़ती कीमतों ने रुलाना शुरू कर दिया है. ऐसे में खुदरा कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने खास प्लान तैयार किया है. दिल्ली-एनसीआर में इस सप्ताह के अंत से 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज बेचने की तैयारी चल रही है. इसके लिए मोबाइल वैन के जरिए दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में खुदरा बिक्री की जाएगी.
सरकार की पहली प्राथमिकता
अधिकारियों के मुताबिक, बिक्री केंद्रों और स्थानों को अगले 1-2 दिनों में अंतिम रूप दिया जाएगा. कंज्यूमर डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार की पहली प्राथमिकता प्रमुख मंडियों में बड़ी मात्रा में प्याज उतारकर थोक कीमतों को कंट्रोल करना है. इससे धीरे-धीरे खुदरा कीमतों में भी कमी आने की उम्मीद है. इसके साथ ही आम लोगों को सीधे राहत देने के लिए दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर मोबाइल वैन के जरिए रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराने की योजना है.
प्याज बिना भोजन का स्वाद अधूरा
प्याज हर घर के किचन का शृंगार है. इसके बिना भोजन का स्वाद अधूरा है. महाराष्ट्र के नासिक-लासलगांव जैसे प्रमुख बाजारों में बारिश के कारण प्याज की आवक काफी कम हुई है. लासलगांव में अगस्त के दौरान आवक करीब 15,000 क्विंटल प्रतिदिन से घटकर 8,000 क्विंटल रह गई, जिससे थोक भाव तेजी से बढ़े. इसके अलावा अभी बाजार में मुख्य रूप से मार्च-अप्रैल में निकली गर्मी की प्याज का स्टॉक चल रहा है. नई खरीफ प्याज की बड़ी आवक अक्टूबर के आसपास शुरू होने की उम्मीद है.
प्याज की ढुलाई और मंडियों तक पहुंच प्रभावित
इस बीच उपलब्ध स्टॉक सीमित होने से सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है. महाराष्ट्र में लगातार बारिश ने प्याज की ढुलाई और मंडियों तक पहुंच प्रभावित की है. इससे मौजूदा समय में बाजार में उपलब्धता और घट गई. इसी रणनीति के तहत केंद्र ने सोमवार से ‘कांदा एक्सप्रेस’ ट्रेनों का ऑपरेशन शुरू किया है. इन विशेष ट्रेनों के जरिए महाराष्ट्र के नासिक से प्याज दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि, मदुरै और गुवाहाटी जैसे प्रमुख खपत केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा.
हस्तक्षेप से उपभोक्ताओं को राहत
सरकार को उम्मीद है कि इससे बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा. अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्षों में भी इस तरह के बाजार हस्तक्षेप से उपभोक्ताओं को राहत मिली है. फिलहाल दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत करीब 55 रुपये प्रति किलो है, जबकि एक साल पहले यह लगभग 35 रुपये प्रति किलो थी. ऐसे में सरकार का लक्ष्य आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों को नियंत्रित करना और उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराना है.
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