IIP Growth News: जून में भारत की औद्योगिक विकास दर 7.3% रही, निर्यात और घरेलू मांग ने दी अर्थव्यवस्था को मजबूती

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

IIP Growth News: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर मजबूती के संकेत दिए हैं. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वस्तुओं के निर्यात में बढ़ोतरी और मजबूत घरेलू मांग के दम पर देश की औद्योगिक गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है. केयरएज रेटिंग्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर (आईआईपी) सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत रही, जो देश के विनिर्माण क्षेत्र और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी का संकेत देती है.

निर्यात और घरेलू मांग ने दी औद्योगिक क्षेत्र को रफ्तार

रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का बाह्य क्षेत्र मजबूत बना हुआ है. अप्रैल से जून 2026 के दौरान वस्तुओं के निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि घरेलू बाजार में लगातार बनी मजबूत मांग ने भी औद्योगिक उत्पादन को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

विनिर्माण क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन

जून महीने में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर बढ़कर 7.8 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि मई में यह 5.2 प्रतिशत थी. विनिर्माण क्षेत्र के 23 में से 19 उप-क्षेत्रों ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की, जिससे स्पष्ट है कि औद्योगिक गतिविधियां व्यापक स्तर पर मजबूत हुई हैं. हालांकि, खनन और उत्खनन क्षेत्र का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा.

इलेक्ट्रिकल उपकरण और ऑटोमोबाइल सेक्टर रहे सबसे आगे

औद्योगिक उत्पादन में सबसे तेज बढ़ोतरी इलेक्ट्रिकल उपकरण क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां उत्पादन 34% बढ़ा. वहीं मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर क्षेत्र में 17.5% की वृद्धि दर्ज हुई. इसके अलावा, कपड़ा उद्योग में 13.7% , खाद्य उत्पाद क्षेत्र में 10.8% और अन्य गैर-धात्विक खनिज उत्पादों में 12.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में तेज उछाल

उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार, जून में पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 14.2 प्रतिशत बढ़ा. वहीं मध्यवर्ती वस्तुओं में 9.3 प्रतिशत, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 7.7 प्रतिशत, बुनियादी ढांचा एवं निर्माण सामग्री में 7.5 प्रतिशत और प्राथमिक वस्तुओं के उत्पादन में 4.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

पहली तिमाही में भी मजबूत रही औद्योगिक गतिविधियां

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में सालाना आधार पर 5.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इस दौरान इलेक्ट्रिकल उपकरण क्षेत्र में 25.8 प्रतिशत और मोटर वाहन क्षेत्र में 15 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली.

मानसून में सुधार, ग्रामीण मांग पर रहेगी नजर

रिपोर्ट में बताया गया कि 28 जुलाई 2026 तक वर्षा की कमी जून के अंत में 40 प्रतिशत से घटकर 15.8 प्रतिशत रह गई है. हालांकि यह अब भी सामान्य स्तर से कम है. विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण मांग पर मानसून का पूरा प्रभाव अभी स्पष्ट रूप से नहीं आंका जा सकता. हालांकि हाल के सप्ताहों में खरीफ फसलों की बुवाई में सुधार एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले समय में भारत की औद्योगिक गतिविधियों को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के साथ-साथ घरेलू चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है.

यह भी पढ़े: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया ‘डिपार्टमेंट ऑफ़ मिलिट्री मेडिसिन’ का उद्घाटन

Latest News

AI से न्यूड फोटो बनाने पर बवाल, xAI ने बैन लगाने वाली सरकार पर ही ठोका मुकदमा

Elon Musk: किसी भी सिंपल सी फोटो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उसे नकली न्यूड तस्वीर में...

More Articles Like This