भारत के साथ फ्री ट्रेड डील पर न्यूजीलैंड की संसद ने लगाई मुहर, 19 अक्टूबर से लागू होगा समझौता

New Delhi: न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लागू करने से जुड़ा कानून पास कर दिया है. इससे दोनों देशों के बीच यह समझौता लागू होने का रास्ता साफ हो गया है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA 19 अक्टूबर से लागू होने की उम्मीद है. इस डील का फोकस दोनों देशों के बीच कारोबार को आसान बनाना और सामान के साथ-साथ सर्विस सेक्टर में भी व्यापार के नए अवसर तैयार करना है.

दोनों देशों के बीच निवेश को बढ़ावा देने पर भी जोर

भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस ट्रेड डील पर 27 अप्रैल को सहमति बनी थी. इसके अलावा यह समझौता दोनों देशों के बीच निवेश को बढ़ावा देने पर भी जोर देता है. डील के तहत न्यूजीलैंड ने भारत से आने वाले सभी तरह के निर्यात पर शुल्क हटाने का प्रावधान किया है. इसका सीधा मतलब है कि भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले सामान पर वहां इम्पोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी, जिससे भारतीय कंपनियों के लिए वहां अपने उत्पाद बेचना आसान हो सकता है.

कुछ प्रमुख सामान पर 10% तक इम्पोर्ट ड्यूटी

इस ट्रेड डील का सबसे सीधा फायदा भारतीय कंपनियों और कारोबारियों को मिल सकता है. अभी भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले कुछ प्रमुख सामान पर 10% तक इम्पोर्ट ड्यूटी लगती है. इनमें सिरेमिक, कालीन, ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं. FTA लागू होने के बाद इन सामानों समेत भारत के सभी एक्सपोर्ट को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी. इससे भारतीय उत्पाद वहां के बाजार में पहले के मुकाबले कम लागत पर पहुंच सकते हैं और कंपनियों को कारोबार बढ़ाने का मौका मिल सकता है.

न्यूजीलैंड में काम करने के अवसर

इसका फायदा सिर्फ सामान बेचने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा. सर्विस सेक्टर में भी भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए न्यूजीलैंड में काम करने के अवसर बढ़ सकते हैं. IT, शिक्षा, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों और प्रोफेशनल्स को बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी. साथ ही योग प्रशिक्षकों, AYUSH से जुड़े प्रोफेशनल्स, भारतीय शेफ और म्यूजिक टीचर्स के लिए भी काम के रास्ते खुलेंगे.

अस्थायी रोजगार वीजा का प्रावधान

समझौते में हर साल 5,000 भारतीय स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए अस्थायी रोजगार वीजा का प्रावधान है, जिसके तहत वे न्यूजीलैंड में अधिकतम तीन साल तक काम कर सकेंगे. इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीयों के लिए यह अवसर खास हो सकता है. वहीं, भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पाद और सेवाएं पहुंचाने के लिए नया ग्राहक आधार मिल सकता है. इसके अलावा भारतीय वाइन और स्पिरिट्स को भी न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच मिलने से इस कारोबार से जुड़े एक्सपोर्टर्स को फायदा हो सकता है.

कई सामानों पर व्यापार आसान करने का फैसला

भारत-न्यूजीलैंड ट्रेड डील में दोनों देशों ने कई सामानों पर व्यापार आसान करने का फैसला किया है, लेकिन भारत ने अपने कुछ संवेदनशील सेक्टर को इस दायरे से बाहर रखा है. खास तौर पर डेयरी उत्पादों को कोई टैरिफ रियायत नहीं दी गई है. यानी न्यूजीलैंड से आने वाले दूध, क्रीम, पनीर और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स पर मौजूदा व्यापार सुरक्षा को बनाए रखा जाएगा.

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