भारत का REIT बाजार 2030 तक $25 अरब, रियल एस्टेट निवेश में बड़ा उछाल

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

भारत का रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट बाजार आने वाले वर्षों में तेज़ी से विस्तार कर सकता है. इसका मुख्य कारण यह है कि देश की लिस्टेड रियल एस्टेट वैल्यू में आरईआईटी की हिस्सेदारी अभी केवल 19% है. यह खुलासा शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में हुआ है. रियल एस्टेट सर्विस फर्म वेस्टियन की रिपोर्ट के मुताबिक, REIT का मार्केट कैप करीब 38.88% की बढ़ोतरी के साथ 2030 तक 25 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि 2025 में यह करीब 18 अरब डॉलर था.

भारत का REIT बाजार तेजी से उभरता वैश्विक खिलाड़ी

इस दौरान REIT आधारित एसेट्स की वैल्यू बढ़कर 16 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है, जो कि फिलहाल 8.2 लाख करोड़ रुपए है. रिपोर्ट में बताया गया कि वैश्विक स्तर पर लिस्टेड रियल एस्टेट वैल्यू में REIT की हिस्सेदारी 57% है, जो कि भारत में यह केवल 19% है. इससे साफ होता है कि भारतीय बाजार में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं. रिपोर्ट के अनुसार, रिटेल और वैकल्पिक एसेट क्लास के बढ़ते दायरे के साथ भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से उभरते REIT बाजारों में शामिल होने की मजबूत स्थिति में है.

लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर बनेंगे REIT ग्रोथ का इंजन

इसमें कहा गया है कि इंडस्ट्रियल और वेयरहाउसिंग आरईआईटी और इनविट में मौके 2030 तक 0.7 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 1.3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है, जो ग्लोबल बदलावों को दिखाता है जहां लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर कोर REIT सब-सेक्टर बनाते हैं. भारत में अभी पांच लिस्टेड आरईआईटी हैं जिसमें चार ऑफिस एसेट्स पर फोकस्ड हैं और एक रिटेल सेगमेंट में है. वेस्टियन के सीईओ, श्रीनिवास राव ने कहा, जैसे-जैसे मार्केट विकसित हो रहा है, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, इंडस्ट्रियल पार्क और वेयरहाउसिंग जैसे एसेट क्लास, परिपक्व आरईआईटी मार्केट के साथ अलाइन होने वाले स्केलेबल, यील्ड देने वाले मौके देते हैं.

ऑफिस REIT से 5–7% की स्थिर कमाई

ऑफिस एसेट्स से जुड़े लिस्टेड पोर्टफोलियो 135 मिलियन वर्ग फुट से ज्यादा क्षेत्र में फैले हैं. इन्हें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC), टेक कंपनियों और बीएफएसआई सेक्टर से मजबूत लीजिंग मांग का लाभ मिल रहा है, जिससे निवेशकों को 5 से 7 प्रतिशत तक की स्थिर यील्ड प्राप्त हो रही है.

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