Pakistan Petrol Diesel Price: एक तरफ पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ईरान-अमेरिका के बीच टकराव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनी हुई है. वहीं भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान से बिल्कुल उलट तस्वीर सामने आई है. पाकिस्तान में बीते एक महीने के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार तीन बार कटौती की गई है.
हालात ऐसे हैं कि मई महीने में पेट्रोल 33 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल 33.80 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता हो चुका है. महंगाई से जूझ रही पाकिस्तानी जनता के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है. लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को अब ईंधन के मोर्चे पर कुछ राहत मिलती दिखाई दे रही है.
पाकिस्तान सरकार ने लगातार तीसरी बार घटाए दाम
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने 29 मई को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमतों में बड़ी कटौती का ऐलान किया था. इस फैसले के तहत दोनों ईंधनों के दाम सीधे 22 रुपये प्रति लीटर कम कर दिए गए. सरकार का कहना है कि महंगाई से जूझ रही जनता को राहत देने और ईंधन की बढ़ती लागत का बोझ कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है. हालिया कटौती के बाद पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें चर्चा का विषय बनी हुई हैं.
मई महीने में तीन बार सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल
मई के दौरान पाकिस्तान सरकार ने तीन चरणों में पेट्रोल और डीजल के दाम कम किए. सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई. इसके बाद 22 मई को साप्ताहिक समीक्षा के दौरान पेट्रोल के दाम 6 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल के दाम 6.80 रुपये प्रति लीटर घटाए गए.
फिर 29 मई को सबसे बड़ी राहत देते हुए दोनों ईंधनों की कीमतों में 22 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी गई. इन तीनों कटौतियों को जोड़कर देखें तो मई महीने में पेट्रोल कुल 33 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल कुल 33.80 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो चुका है.
आखिर क्यों घटाए गए पेट्रोल-डीजल के दाम?
पाकिस्तान में मार्च और अप्रैल के दौरान ईंधन की कीमतें 414 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई थीं. इससे माल ढुलाई, सार्वजनिक परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई थी. महंगाई से परेशान लोगों ने कई जगह विरोध प्रदर्शन भी किए थे. बढ़ते जनदबाव के बीच सरकार पर राहत देने का दबाव बढ़ गया था. इसी के चलते सरकार ने तेल कंपनियों को मिलने वाले मुनाफे और कुछ करों में समायोजन कर जनता को राहत देने का फैसला लिया.
IMF की शर्तों का भी पड़ा असर
पाकिस्तान इस समय अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आर्थिक कार्यक्रम के तहत कई शर्तों का पालन कर रहा है. IMF ने तेल पर निश्चित लेवी वसूलने की शर्त रखी थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य पूरा करने की स्थिति में है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ केवल सरकारी खजाने तक सीमित रखने के बजाय उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है.
आम जनता को मिली राहत
लगातार तीन बार हुई कटौती से पाकिस्तान में वाहन चालकों, परिवहन कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है. ईंधन की कीमतें कम होने से माल ढुलाई और परिवहन लागत पर भी असर पड़ सकता है, जिससे अन्य वस्तुओं की कीमतों में भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
फिलहाल पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के दामों में आई गिरावट चर्चा का विषय बनी हुई है. आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और क्षेत्रीय हालात के आधार पर आगे की कीमतें तय होंगी.
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