भारत में वेयरहाउसिंग-लॉजिस्टिक्स की मांग में उछाल, चौथी तिमाही में 8% बढ़ोतरी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

भारत के प्रमुख शहरों में वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में मजबूती का दौर जारी है. वर्ष 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही में इस क्षेत्र की मांग में तिमाही आधार पर 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. यह लगातार चौथी तिमाही है, जब इस सेक्टर में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे बाजार में स्थिरता और रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं.

वर्कप्लेस सॉल्यूशंस फर्म वेस्टियन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर उपभोक्ता धारणा, मजबूत घरेलू मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे सुधार इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं. रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि साल 2026 में भी यह सेक्टर मजबूत बना रहेगा.

मजबूत घरेलू मांग से मिला सहारा

वेस्टियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Srinivas Rao ने कहा कि तिमाही आधार पर मांग में बढ़ोतरी एक मजबूत बाजार का संकेत है. उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में तेजी, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और घरेलू खपत में सुधार इस ग्रोथ को आगे बढ़ा रहे हैं. हालांकि, सालाना आधार पर मांग में 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन लीजिंग गतिविधियां अभी भी मजबूत बनी हुई हैं. इसमें थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर गुड्स कंपनियों की बड़ी भूमिका रही है.

मुंबई-पुणे का दबदबा कायम

रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई और पुणे ने मिलकर कुल लीजिंग गतिविधि में 81 प्रतिशत योगदान दिया. यह पश्चिमी भारत के औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब की मजबूत स्थिति को दर्शाता है. मुंबई में सबसे अधिक 4.76 मिलियन वर्ग फुट वेयरहाउसिंग की मांग दर्ज की गई, जो कुल लीजिंग का 42 प्रतिशत है. वहीं, पुणे में 4.46 मिलियन वर्ग फुट की मांग रही, जिसमें तिमाही आधार पर 162 प्रतिशत और सालाना आधार पर 42 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली.

अन्य शहरों का हाल

हैदराबाद में वेयरहाउसिंग की मांग 0.69 मिलियन वर्ग फुट रही, जिसमें सालाना आधार पर 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) में यह आंकड़ा 0.73 मिलियन वर्ग फुट रहा, लेकिन यहां सालाना आधार पर 57 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. चेन्नई, बेंगलुरु और कोलकाता में वेयरहाउसिंग की मांग क्रमश: 0.59, 0.17 और 0.1 मिलियन वर्ग फुट रही.

2026 में और तेज होगी ग्रोथ

रिपोर्ट में कहा गया है कि सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर बढ़ता फोकस, आधुनिक ग्रेड-ए वेयरहाउस की बढ़ती मांग और टियर-1 व टियर-2 शहरों में लॉजिस्टिक्स हब का विस्तार इस सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा.

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