15 महीने में भारतीय MSME सेक्टर ने सृजित किए 10 करोड़ रोजगार के अवसर

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

सरकार के साथ पंजीकृत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) द्वारा रिपोर्ट की गई कुल नौकरियां 23 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई हैं. एमएसएमई मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरकार के उदयम पोर्टल पर पंजीकृत 5.49 करोड़ एमएसएमई ने 23.14 करोड़ नौकरियों की सूचना दी है, जो पिछले साल अगस्त तक 2.33 करोड़ पंजीकृत एमएसएमई द्वारा 13.15 करोड़ नौकरियों से अधिक है, पिछले 15 महीनों में 10 करोड़ नौकरियां जुड़ी हैं.

5.23 करोड़ महिला रोजगार भी शामिल

कुल रोजगार में उद्यम प्रमाणन के माध्यम से सरकार के साथ पंजीकृत 2.38 करोड़ अनौपचारिक सूक्ष्म इकाइयों द्वारा 2.84 करोड़ नौकरियां और 5.23 करोड़ महिला रोजगार भी शामिल हैं. कुल पंजीकृत इकाइयों में से 5.41 करोड़ सूक्ष्म उद्यम हैं जबकि लघु उद्यम 7.27 लाख और मध्यम उद्यम केवल 68,682 हैं. जुलाई 2020 में उद्यम पोर्टल के लॉन्च होने के समय, 2.8 करोड़ एमएसएमई नौकरियां दर्ज की गई थीं. बजट में सरकार की ओर से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि वे बड़ी संख्या में देश में रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं.

गैर-कैप्टिव बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन में 0.07 लाख

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों के एमएसएमई मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में उद्धृत राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (2015-16) के अनुसार, एमएसएमई क्षेत्र में 6.33 करोड़ असंगठित गैर-कृषि इकाइयां शामिल हैं, जिसने देश भर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 11.10 करोड़ नौकरियां (विनिर्माण में 360.41 लाख, गैर-कैप्टिव बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन में 0.07 लाख, व्यापार में 387.18 लाख और अन्य सेवाओं में 362.82 लाख) पैदा की हैं.

देश में 46.7 मिलियन नौकरियां

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 24 में देश में 46.7 मिलियन नौकरियां (4.67 करोड़) पैदा हुईं, जिससे कुल नौकरियों की संख्या 643.3 मिलियन (64.33 करोड़) हो गई। आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, कृषि नौकरियों की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत से अधिक रही, जो लगभग 25-29 करोड़ नौकरियों के बराबर है. 2020 से एमएसएमई में नौकरियों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन कई MSMEके बंद होने के कारण नौकरी भी चली गई है.

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