भारत में हाई-सैलरी कमाने वालों की संख्या बढ़ी, 30 लाख सालाना कमाने वाले करदाता 23% पार

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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High Salary Taxpayers India: भारत में उच्च वेतन पाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इसके चलते वेतनभोगी करदाताओं में 30 लाख रुपये प्रति वर्ष कमाने वालों की हिस्सेदारी 2025 में बढ़कर 23.34% हो गई है, जो 2024 में 18.49% थी. यह जानकारी बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में सामने आई है.

क्लियर टैक्स की वार्षिक रिपोर्ट ‘भारत ने 2025 में कैसे टैक्स भरा’ के अनुसार, 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग के करीब 38% लोगों की सालाना आय 30 लाख रुपये से अधिक है. इससे यह वर्ग देश का सबसे मजबूत आय अर्जित करने वाला और टैक्स में सबसे बड़ा योगदान देने वाला समूह बनकर उभरा है.

मिड-करियर में बढ़ी सैलरी

यह ट्रेंड दिखाता है कि मिड-करियर के सालों में अनुभव और करियर की स्थिरता ज्यादा सैलरी में कैसे बदल जाती है. इसी के साथ, रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय जिस तरह से आय अर्जित करते हैं, उसमें एक बड़ा बदलाव आया है. टैक्स देने वाले अब सिर्फ सैलरी पर निर्भर नहीं हैं. आईटीआर-3 और आईटीआर-2 में हुई वृद्धि दिखाती है कि बिजनेस, ट्रेडिंग और निवेश से आय में तेज इजाफा हुआ है और यह दिखाता है कि लोग अब केवल एक माध्यम से होने वाली आय पर निर्भर नहीं है और अपनी आय के स्रोतों में विविधता ला रहे हैं.

निवेश अब रोजमर्रा की आदत

निवेश अब केवल एक खास गतिविधि नहीं रह गया है, बल्कि यह एक आम वित्तीय आदत बनता जा रहा है. आईटीआर-3 दाखिल करने वाले अधिकांश करदाताओं ने कैपिटल गेन की जानकारी दी है, जिससे साफ होता है कि इक्विटी बाजार और ट्रेडिंग अब कई भारतीयों की नियमित फाइनेंशियल प्लानिंग का हिस्सा बन चुके हैं. युवा भारतीय निवेशक मानसिकता के साथ वर्कफोर्स में कदम रख रहे हैं.

25 वर्ष से कम उम्र के लोगों में टैक्स फाइलिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है, और कई पहली बार रिटर्न दाखिल करने वालों ने भी कैपिटल गेन की जानकारी दी है.

25–35 उम्र के मिलेनियल्स आगे

25 से 35 वर्ष आयु वर्ग के मिलेनियल्स इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं. एक्टिव इन्वेस्टिंग, ट्रेडिंग और कई आय स्रोतों के चलते जटिल टैक्स फाइलिंग में उनकी हिस्सेदारी सबसे अधिक है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि क्रिप्टो एसेट्स फिलहाल मुख्यधारा के निवेश की बजाय एक हाई-रिस्क ऐड-ऑन के रूप में ही बने हुए हैं.

यह भी पढ़े: भारतीय बाजारों को घरेलू निवेशकों का मजबूत सहारा, Mutual Fund ने बढ़ाया निवेश

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