IPO Boom India: FY26 में 153 आईपीओ से कंपनियों ने जुटाए 2.01 लाख करोड़ रुपए

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

IPO Boom India: भारतीय शेयर बाजार ने वित्त वर्ष 2025-26 में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनियों ने IPO के जरिए रिकॉर्ड स्तर पर पूंजी जुटाई है. एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में कुल 153 इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के जरिए कंपनियों ने करीब 2,01,442 करोड़ रुपए जुटाए. यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि भारतीय बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है और कंपनियां विस्तार के लिए बाजार का रुख कर रही हैं.

मुश्किल हालात में भी कंपनियों की मजबूत पकड़

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पूंजी ऐसे समय में जुटाई गई, जब वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां बनी हुई थीं. इसके बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई और कंपनियों को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला. HDFC Securities की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद ने इस प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है.

FY27 में भी मजबूत ग्रोथ की उम्मीद

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था लगभग 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है. सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए जा रहे निवेश का इसमें बड़ा योगदान रहेगा. अनुमान है कि FY27 में कुल सरकारी खर्च का करीब एक-तिहाई हिस्सा पूंजीगत व्यय (Capex) पर होगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी.

महंगाई और घाटा नियंत्रण में

आर्थिक स्थिरता के संकेत भी सकारात्मक नजर आ रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि मुद्रास्फीति करीब 4.5 प्रतिशत के आसपास नियंत्रित रह सकती है. वहीं राजकोषीय घाटा भी 4.3 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब रहने की उम्मीद है, जो निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत है.

बाहरी दबाव अभी भी चुनौती

हालांकि, कुछ बाहरी जोखिम भी बने हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के धीमे प्रवाह और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली के कारण भारतीय रुपए पर दबाव बना रह सकता है. इन वैश्विक कारकों का असर पिछले कुछ समय से रुपए पर देखने को मिल रहा है, जिससे बाजार में सतर्कता बनी हुई है.

कॉर्पोरेट आय और सेक्टर आउटलुक

आने वाले समय में कंपनियों की आय में भी सुधार की उम्मीद जताई गई है. रिपोर्ट के अनुसार, कुल कॉर्पोरेट आय में करीब 10% की वृद्धि हो सकती है, हालांकि अलग-अलग सेक्टर में प्रदर्शन अलग रहेगा. बैंकिंग, उपभोक्ता विवेकाधीन वस्तुएं, धातु और दूरसंचार क्षेत्रों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है. वहीं ऊर्जा क्षेत्र पर कुछ दबाव बने रहने की संभावना जताई गई है.

वैल्यूएशन में गिरावट, लेकिन अभी भी मजबूत

हाल के महीनों में खासतौर पर मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में वैल्यूएशन में कुछ गिरावट आई है. हालांकि, ये अभी भी अपने दीर्घकालिक औसत से ऊपर बने हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, बेंचमार्क सूचकांक अब ऐसे स्तरों के करीब पहुंच रहे हैं, जिन्हें निवेश के लिहाज से आकर्षक माना जा सकता है.

खुदरा निवेशकों की बढ़ती ताकत

भारतीय शेयर बाजार में खुदरा निवेशकों की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है. डीमैट खातों की संख्या बढ़कर 22.2 करोड़ (222 मिलियन) से ज्यादा हो गई है. वहीं फरवरी 2026 तक सक्रिय इक्विटी ट्रेडर्स की संख्या 1.48 करोड़ से अधिक पहुंच गई है. इसके अलावा, म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश भी मजबूत बना हुआ है, जो हर महीने 30,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के स्तर पर है.

यह भी पढ़े: 39,000 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने LPG छोड़ PNG अपनाई, 4.85 लाख नए कनेक्शन जुड़े

More Articles Like This

Exit mobile version