LPG Cylinder Price Today: एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतें हर घर के बजट से जुड़ी होती हैं. यही वजह है कि हर महीने लाखों उपभोक्ता गैस सिलेंडर के नए रेट का इंतजार करते हैं. 5 जून को जारी ताजा कीमतों के मुताबिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. मार्च के बाद से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है.
वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें पहले की तुलना में ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं. ऐसे में आइए जानते हैं देश के प्रमुख शहरों में आज घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर किस कीमत पर मिल रहा है. देश के प्रमुख शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 910.50 रुपये से 1002.50 रुपये के बीच बनी हुई है. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि मार्च के बाद से अब तक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है.
हालांकि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल के महीनों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. मई महीने में बड़ी वृद्धि के बाद जून में भी कमर्शियल सिलेंडर के दाम 42 रुपये तक बढ़ाए जा चुके हैं. इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ सकता है.
प्रमुख शहरों में एलपीजी सिलेंडर के ताजा रेट
| शहर | घरेलू सिलेंडर की कीमत | कमर्शियल सिलेंडर की कीमत |
|---|---|---|
| दिल्ली | 913.0 रुपये | 3071.5 रुपये |
| मुंबई | 912.5 रुपये | 3024.0 रुपये |
| कोलकाता | 939.0 रुपये | 3202.5 रुपये |
| चेन्नई | 928.5 रुपये | 3237.0 रुपये |
| बेंगलुरु | 915.5 रुपये | 3152.0 रुपये |
| अमृतसर | 954.0 रुपये | 3178.0 रुपये |
| चंडीगढ़ | 922.5 रुपये | 3092.5 रुपये |
| भोपाल | 918.5 रुपये | 3077.0 रुपये |
| भुवनेश्वर | 939.0 रुपये | 3238.5 रुपये |
छोटू सिलेंडर भी हुआ महंगा
फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) योजना के तहत मिलने वाले 5 किलोग्राम के छोटू सिलेंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी की गई है. हालिया संशोधन के बाद दिल्ली में इसकी कीमत 821.50 रुपये हो गई है. इस सिलेंडर के दाम में 11 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है.
कैसे तय होती है एलपीजी सिलेंडर की कीमत?
एलपीजी सिलेंडर के दाम कई आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करते हैं. भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है. ऐसे में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे भारतीय बाजार को प्रभावित करता है.
इसके अलावा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति भी एलपीजी की लागत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. रुपया कमजोर होने पर आयात महंगा पड़ता है, जिसका असर सिलेंडर की कीमतों पर दिखाई देता है. वहीं अलग-अलग राज्यों में लागू वैट (VAT), स्थानीय कर और परिवहन लागत भी शहरों के बीच कीमतों में अंतर की प्रमुख वजह हैं. यही कारण है कि एक ही दिन अलग-अलग शहरों में एलपीजी सिलेंडर के रेट अलग दिखाई देते हैं.
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