Mumbai CNG Price Hike: देश में पहले से बढ़ती महंगाई के बीच अब मुंबई और आसपास के इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है. महानगर गैस लिमिटेड ने CNG की कीमतों में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है. नई कीमतें 14 मई से लागू हो चुकी हैं. इसके बाद मुंबई में अब CNG ₹84 प्रति किलो हो गई है, जो पहले ₹82 थी. इस फैसले का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोज ऑटो, टैक्सी और बसों से सफर करने वाले आम लोगों की जेब पर भी पड़ने वाला है. मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और पूरे MMR क्षेत्र में लाखों लोग रोज CNG वाहनों पर निर्भर हैं. ऐसे में कीमतों में यह बढ़ोतरी आम आदमी के मासिक खर्च को और बढ़ा सकती है.
आखिर क्यों बढ़ानी पड़ी CNG की कीमत?
महानगर गैस लिमिटेड का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ते तनाव और गैस की महंगी खरीद के कारण कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया था. कंपनी के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में गैस की लागत तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर CNG की कीमतों पर पड़ा है. विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब सीधे भारत के फ्यूल मार्केट को प्रभावित करने लगा है. यही वजह है कि सरकार और गैस कंपनियों पर लागत का दबाव लगातार बढ़ रहा है.
पश्चिम एशिया संकट का दिखा असर
ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और मिडिल ईस्ट में अस्थिर हालात ने पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई चेन को प्रभावित किया है. तेल और गैस सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. ऐसे में वैश्विक बाजार में थोड़ी सी हलचल भी देश के फ्यूल प्राइस पर सीधा असर डालती है. CNG कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे यह सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है.
डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर
रुपये की गिरती कीमत ने भी गैस आयात को महंगा बना दिया है. डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से कंपनियों को ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है. इसका असर अब आम लोगों तक पहुंचने लगा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर रुपया और कमजोर होता है, तो आने वाले दिनों में CNG और PNG दोनों की कीमतों में और इजाफा देखने को मिल सकता है.
महंगी विदेशी गैस पर बढ़ी निर्भरता
देश में घरेलू गैस उत्पादन सीमित होने के कारण अब कंपनियां ज्यादा मात्रा में RLNG यानी महंगी विदेशी गैस खरीद रही हैं. यही वजह है कि गैस वितरण कंपनियों की लागत लगातार बढ़ती जा रही है. MGL ने साफ कहा है कि बढ़ती लागत को देखते हुए कीमतों में बदलाव करना जरूरी था, वरना सप्लाई और संचालन प्रभावित हो सकता था.
लाखों वाहन चालकों पर पड़ेगा असर
मुंबई और आसपास के इलाकों में करीब 12.8 लाख वाहन CNG पर चलते हैं. इनमें लगभग 4.70 लाख ऑटो रिक्शा, 1.60 लाख टैक्सी और 5 लाख से ज्यादा निजी कारें शामिल हैं. इसके अलावा BEST और राज्य परिवहन की कई बसें भी CNG पर चलती हैं. ऐसे में ईंधन महंगा होने से सार्वजनिक परिवहन का खर्च भी बढ़ेगा. इसका बोझ अंततः आम यात्रियों पर पड़ सकता है.
ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने बढ़ाई किराया बढ़ाने की मांग
CNG के दाम बढ़ते ही मुंबई की ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है. यूनियन नेताओं का कहना है कि बढ़ी हुई कीमतों के कारण ड्राइवरों की कमाई पर बड़ा असर पड़ेगा. उनका दावा है कि प्रति किलोमीटर लागत करीब ₹1.03 तक बढ़ जाएगी. इसी वजह से यूनियनों ने बेस किराए में कम से कम ₹1 बढ़ाने की मांग रखी है. ट्रांसपोर्ट विभाग भी जल्द इस मुद्दे पर बैठक बुला सकता है. अगर किराया बढ़ता है तो रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है.
पेट्रोल-डीजल से फिर भी सस्ती है CNG
कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद MGL का दावा है कि सीएनजी अभी भी पेट्रोल-डीजल से किफायती है. कंपनी के मुताबिक, ₹84 की नई दर पर भी सीएनजी पेट्रोल के मुकाबले 44% और डीजल के मुकाबले 7% तक सस्ती पड़ रही है. कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में तनाव का असर अब सीधे देश की रसोई (PNG) और यात्रा (CNG) पर दिखने लगा है. अगर आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी होती है, तो आम आदमी के मासिक बजट पर इसका बड़ा असर पड़ेगा.
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