Onion Price: त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. देश के कई हिस्सों में प्याज के दाम राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर पहुंच गए हैं. खासकर दिल्ली और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में लोगों को 55 से 65 रुपये प्रति किलो तक प्याज खरीदना पड़ रहा है. ऐसे में सरकार ने कीमतों पर लगाम लगाने के लिए अपने बफर स्टॉक से प्याज निकालकर महंगे बाजारों तक पहुंचाने का फैसला किया है.
इसके लिए सरकार ने स्पेशल रेलवे रैक के जरिए प्याज भेजना शुरू कर दिया है. इस अभियान को ‘कांदा एक्सप्रेस’ नाम दिया गया है. शुरुआती चरण में देश के पांच बड़े और ज्यादा खपत वाले शहरों तक प्याज पहुंचाया जा रहा है, जहां इसे 35 रुपये प्रति किलो की रियायती कीमत पर बेचने की तैयारी है.
5 शहरों तक पहुंचेगा ‘कांदा एक्सप्रेस’ का प्याज
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के मुताबिक, शुरुआती चरण में बफर स्टॉक से प्याज पांच बड़े शहरों में भेजा जा रहा है. इन शहरों में प्याज की कीमतें राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी ज्यादा हैं. ‘कांदा एक्सप्रेस’ के पहले चरण में इन शहरों को शामिल किया गया है.
- दिल्ली और एनसीआर
- चेन्नई
- मदुरै
- एर्नाकुलम और कोच्चि
- गुवाहाटी
सरकार के मुताबिक, मौजूदा खेप की लोडिंग शुरू हो चुकी है और इसके बुधवार, 26 अगस्त तक संबंधित बाजारों में पहुंचने की उम्मीद है.
आगे इन शहरों को भी जोड़ा जा सकता है
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, पहले चरण में चुने गए शहरों में प्याज पहुंचने के बाद बाजार की जरूरत और कीमतों की स्थिति को देखते हुए अभियान का विस्तार किया जा सकता है. इस सूची में कोलकाता और लखनऊ जैसे शहरों को भी आगे शामिल किए जाने की संभावना है. यानी जिन शहरों में प्याज की कीमतें राष्ट्रीय औसत से ज्यादा बनी रहेंगी, वहां सरकार बफर स्टॉक से प्याज पहुंचाने पर विचार कर सकती है.
35 रुपये किलो वाला प्याज कहां मिलेगा?
सरकार बफर स्टॉक से निकाले गए प्याज को सीधे आम ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए मुख्य रूप से दो सहकारी संस्थाओं की मदद लेगी. इनके मोबाइल वैन और आउटलेट्स के जरिए प्याज खुदरा स्तर पर 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर बेचा जाएगा.
- NCCF – नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया
- NAFED – नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया
इसका उद्देश्य बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाना और बढ़ी हुई कीमतों पर दबाव कम करना है.
एक साल में 59% से ज्यादा बढ़ी प्याज की खुदरा कीमत
प्याज के दाम में तेजी कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा पिछले साल के मुकाबले कीमतों में हुए बदलाव से लगाया जा सकता है. 24 अगस्त को देशभर में प्याज की औसत खुदरा कीमत 43.53 रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी. पिछले साल इसी समय यह कीमत 27.37 रुपये प्रति किलो थी. यानी एक साल में औसत खुदरा कीमत में 59% से ज्यादा का उछाल आया है. वहीं, प्याज की औसत थोक कीमत भी तेजी से बढ़ी है. यह सालाना आधार पर 68% बढ़कर 35.58 रुपये प्रति किलो हो गई है.
दिल्ली और चेन्नई में 65 रुपये किलो तक पहुंचा प्याज
राष्ट्रीय औसत से कई बड़े शहरों में प्याज काफी महंगा बिक रहा है. दिल्ली और चेन्नई के कुछ खुदरा बाजारों में प्याज की कीमत 55 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. वहीं कोलकाता में प्याज करीब 53 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है. यही वजह है कि सरकार ने शुरुआत में उन शहरों को चुना है जहां प्याज की खपत ज्यादा है और खुदरा कीमतें राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर चली गई हैं.
त्योहारी मांग और मौसम ने बढ़ाई चिंता
अगस्त और सितंबर के दौरान त्योहारी मांग बढ़ने की उम्मीद है. इसी बीच मौसम से जुड़ी दिक्कतों ने भी प्याज की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है. सरकार का मानना है कि ऐसे समय में बाजार में बफर स्टॉक का प्याज उतारने से उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
इसके लिए केंद्र सरकार के पास करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक मौजूद है. इस स्टॉक को एक साथ बाजार में उतारने के बजाय जरूरत के हिसाब से अलग-अलग चरणों में जारी किया जा रहा है. ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए इसी बफर स्टॉक का प्याज उन शहरों तक पहुंचाया जा रहा है, जहां आम लोगों को अभी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है.
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