Stock Market Outlook: 2026 के अंत तक 22% बढ़कर 95,000 पर पहुंच सकता है सेंसेक्स: मॉर्गन स्टेनली

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

भारतीय शेयर बाजार को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक रिपोर्ट सामने आई है. वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में बाजार में तेज रैली देखने को मिल सकती है. फर्म के अनुसार, सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक 95,000 के स्तर तक पहुंच सकता है, जो मौजूदा स्तर से करीब 22% की बढ़त दर्शाता है.

बाजार में रैली के संकेत, गिरावट का दौर खत्म?

मॉर्गन स्टेनली की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय बाजार में हालिया गिरावट अब अपने अंतिम चरण में हो सकती है. कम मूल्यांकन, कंपनियों की आय में सुधार और निवेशकों की सतर्क पोजिशनिंग यह संकेत देती है कि बाजार में अब तेजी की संभावना बढ़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान स्तर निवेशकों के लिए एक आकर्षक एंट्री पॉइंट हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना चाहते हैं.

बेस केस में सेंसेक्स 95,000 का अनुमान

ब्रोकरेज फर्म ने अपने बेस केस सिनेरियो में अनुमान जताया है कि सेंसेक्स दिसंबर 2026 के अंत तक 95,000 के स्तर तक पहुंच सकता है. यह लक्ष्य हालिया क्लोजिंग स्तर से लगभग 22% की संभावित बढ़त को दर्शाता है. विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में संभावित तेजी की तुलना में नकारात्मक जोखिम फिलहाल सीमित दिखाई दे रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है.

मूल्यांकन में गिरावट, लेकिन अवसर मजबूत

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले एक साल में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन ऐतिहासिक निम्न स्तर के करीब रहा है. इस दौरान बाजार के मूल्यांकन में तेज गिरावट देखने को मिली है, जो अब निवेशकों के लिए अवसर बन सकता है. मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, सेंसेक्स इस समय सोने के मुकाबले अपने सबसे निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो अक्सर बाजार में बड़े बदलाव से पहले का संकेत माना जाता है.

मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था बना रही आधार

भले ही वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई हो, लेकिन भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. मजबूत उपभोग, नीतिगत स्थिरता और पूंजीगत व्यय में सुधार जैसे कारक भारतीय बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं. ये सभी संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बाजार में आगे भी स्थिरता और मजबूती बनी रह सकती है.

आय चक्र में सुधार से बढ़ेगी तेजी

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों के आय चक्र (Earnings Cycle) में सुधार भी बाजार के लिए एक बड़ा पॉजिटिव फैक्टर है. हाई-फ्रीक्वेंसी संकेतक यह दिखाते हैं कि उपभोग, निवेश और सेवा क्षेत्र में मजबूत रुझान बने हुए हैं, जबकि बाजार की उम्मीदें अभी भी पूरी तरह से इन सुधारों को नहीं दर्शा रही हैं.

इसके अलावा, विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक कॉर्पोरेट मुनाफे में भारत की हिस्सेदारी अब अपने सूचकांक भार से भी ज्यादा हो चुकी है, जो भारतीय कंपनियों की मजबूती को दर्शाता है.

जोखिम सीमित, निवेश का मौका मजबूत

मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि मौजूदा समय में बाजार में गिरावट का जोखिम सीमित है, जबकि संभावित बढ़त अधिक है. हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक विकास से जुड़े जोखिम बने हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद समग्र दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है. ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि आने वाले समय में आय में सकारात्मक संशोधन देखने को मिल सकता है, जो बाजार को और मजबूती देगा.

Latest News

‘शर्तों और सुरक्षा हितों पर नहीं होगा कोई समझौता’, ईरान के साथ होने वाली वार्ता से पहले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की चेतावनी

Washington: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ होने वाली शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान रवाना होते ही...

More Articles Like This