Share Market Election Rally India: चुनावी रुझानों से बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी ने लगाई बड़ी छलांग

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Share Market Election Rally India: चुनावी नतीजों के शुरुआती रुझानों ने सोमवार को शेयर बाजार में जबरदस्त जोश भर दिया. पांच राज्यों, खासकर पश्चिम बंगाल और असम से आ रहे संकेतों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया, जिसका सीधा असर बाजार की चाल पर देखने को मिला. कारोबार की शुरुआत होते ही सेंसेक्स करीब 900 अंकों की उछाल के साथ 77,800 के आसपास पहुंच गया.

वहीं निफ्टी भी 24,200 के स्तर को पार करता नजर आया. बाजार की यह तेजी इस ओर इशारा कर रही है कि निवेशक चुनावी नतीजों को नीतिगत स्थिरता के रूप में देख रहे हैं और उसी आधार पर खरीदारी कर रहे हैं.

चुनावी रुझान बने बाजार के लिए मजबूती का आधार

बाजार में आई इस तेजी के पीछे पश्चिम बंगाल और असम से आ रहे शुरुआती रुझान सबसे बड़ी वजह माने जा रहे हैं. बंगाल में कड़ी टक्कर और असम में मजबूत बढ़त के संकेतों ने निवेशकों के भरोसे को बढ़ाया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतिम नतीजे नीतिगत निरंतरता की ओर इशारा करते हैं, तो यह तेजी पूरे दिन बनी रह सकती है और आने वाले दिनों में भी बाजार को सहारा दे सकती है.

बाजार में छाई हरियाली

सोमवार को शेयर बाजार खुलते ही चारों ओर तेजी का माहौल बन गया. शुरुआती कारोबार में ही करीब 742 शेयर बढ़त के साथ आगे बढ़ते नजर आए, जिससे यह साफ हो गया कि निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है और बाजार में सकारात्मक रुख बना हुआ है. बैंकिंग, वाहन और वित्तीय क्षेत्र इस तेजी के मुख्य आधार रहे. निफ्टी बैंक सूचकांक में करीब 325 अंकों की मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जो बैंकों के शेयरों में तेज खरीदारी को दर्शाती है. वहीं वाहन क्षेत्र में भी 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली.

वाहन कंपनियों में टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी जैसे बड़े नामों ने बाजार को और मजबूती दी. इन कंपनियों में आई तेजी ने पूरे बाजार की रफ्तार को बढ़ा दिया और निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया.

ग्लोबल संकेतों से भी मिला सहारा

सिर्फ घरेलू राजनीति ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की एक योजना के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है. ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए राहत की स्थिति बनी है. तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव कम होता है, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर भी पड़ता है.

निवेशकों की संपत्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी

इस तेजी का सीधा लाभ निवेशकों को मिला. बाजार खुलने के कुछ ही समय में निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 5.4 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो इस उछाल की मजबूती को दर्शाता है.

कारोबार के दौरान 69 शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए, जो व्यापक तेजी का संकेत है. अधिकांश क्षेत्रों में बढ़त देखने को मिली, हालांकि कुछ शेयरों में हल्का दबाव भी बना रहा.

इसी बीच कोटक महिंद्रा बैंक जैसे कुछ शेयरों में कमजोरी देखी गई, लेकिन इसका असर पूरे बाजार के रुझान पर नहीं पड़ा. कुल मिलाकर बाजार चुनावी तेजी के माहौल में बना हुआ है और निवेशकों का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है.

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