Tata Group Stocks: टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच बढ़ते विवाद का असर शुक्रवार को टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों पर साफ दिखाई दिया. समूह की कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और कुछ शेयर करीब 8 प्रतिशत तक टूट गए. शुरुआती कारोबार में टाटा केमिकल्स, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन, टाटा मोटर्स पीवी, टाटा पावर और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत कई कंपनियों के शेयर दबाव में रहे.
सुबह 9:45 बजे इन शेयरों में रही गिरावट
सुबह 9:45 बजे टाटा केमिकल्स का शेयर 7.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 718.65 रुपये पर कारोबार कर रहा था. टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के शेयर में 3.56 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 693.70 रुपये पर पहुंच गया. टाटा मोटर्स पीवी का शेयर 2.96 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 305 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसी तरह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर में 2.73 प्रतिशत की गिरावट आई और इसका भाव 2,130.30 रुपये पर था. टाटा टेक्नोलॉजीज का शेयर 2.76 प्रतिशत टूटकर 737.80 रुपये पर पहुंच गया.
इसके अलावा टाटा पावर के शेयर में 0.99 प्रतिशत की कमजोरी रही और यह 365.35 रुपये पर कारोबार कर रहा था. टाटा एलेक्सी का शेयर 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,346.70 रुपये पर था, जबकि तेजस नेटवर्क के शेयर में 0.69 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई और यह 520.65 रुपये पर कारोबार कर रहा था. हालांकि, टाटा समूह की कुछ कंपनियों के शेयरों में सीमित तेजी भी देखने को मिली. इनमें टाटा कैपिटल, इंडियन होटल्स, वोल्टास, नेल्को और ओरिएंटल होटल्स शामिल हैं.
टाटा समूह के शेयरों में क्यों आई गिरावट?
टाटा समूह के शेयरों में गिरावट की प्रमुख वजह टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच सामने आया विवाद है. यह विवाद उस समय बढ़ा, जब टाटा संस की ओर से एन. चंद्रशेखरन को दोबारा अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया गया. इसके साथ ही टाटा संस ने सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होने की संभावना पर विचार करने की बात कही. इसी बीच टाटा संस के शेयरधारक शापूरजी पालोनजी समूह ने अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने का प्रस्ताव दिया है. दूसरी ओर, टाटा ट्रस्ट्स ने स्पष्ट किया है कि वह टाटा संस को सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कराने के लिए सहमत नहीं है.
टाटा ट्रस्ट्स ने पुराने ढांचे को बनाए रखने की बात कही
टाटा ट्रस्ट्स ने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए कहा है कि टाटा समूह के 100 साल से ज्यादा पुराने ढांचे को बनाए रखा जाना चाहिए. ट्रस्ट्स का कहना है कि टाटा संस की मौजूदा संरचना को बनाए रखना जरूरी है और वह कंपनी को सार्वजनिक करने के प्रस्ताव से सहमत नहीं है.
चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को ट्रस्ट्स ने बताया गैर-कानूनी
टाटा ट्रस्ट्स की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में टाटा संस के अध्यक्ष के रूप में एन. चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को गैर-कानूनी बताया गया है. ट्रस्ट्स ने अपने रुख के समर्थन में टाटा संस के नियमों का हवाला दिया है. प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, नियमों के तहत अध्यक्ष की नियुक्ति या पुनर्नियुक्ति के लिए टाटा ट्रस्ट्स के नामित निदेशकों के बहुमत का प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करना जरूरी है.
इसमें आगे कहा गया है कि टाटा संस का निदेशक मंडल कानूनी रूप से अध्यक्ष की नियुक्ति या पुनर्नियुक्ति से जुड़ी बैठक तब तक नहीं बुला सकता, जब तक टाटा ट्रस्ट्स के दोनों नामित निदेशक मौजूद न हों. विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि ऐसी स्थिति में किसी भी प्रस्ताव को पारित नहीं किया जा सकता. टाटा ट्रस्ट्स के मुताबिक, नोएल टाटा उसके नामित निदेशकों में से एक हैं और उन्होंने एन. चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव का विरोध किया है. ट्रस्ट्स का कहना है कि इस वजह से यह पुनर्नियुक्ति गैर-कानूनी है और इसका कोई आधार नहीं है.