UPI के 10 साल पूरे. 12,000 गुना बढ़ा लेनदेन, डिजिटल पेमेंट में भारत ने रचा इतिहास

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

UPI 10 Years: भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस को 11 अप्रैल को 10 वर्ष पूरे हो रहे हैं. इस दौरान यूपीआई ने देश में डिजिटल लेनदेन की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. पिछले एक दशक में इसकी लेनदेन वॉल्यूम में 12,000 गुना से अधिक का इजाफा हुआ है, जबकि ट्रांजैक्शन वैल्यू 4,000 गुना से ज्यादा बढ़ चुकी है. यह उपलब्धि भारत को वैश्विक डिजिटल पेमेंट लीडर के रूप में स्थापित करती है.

FY26 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा लेनदेन

एनालिटिक्स फर्म ट्रैक्सन के आंकड़ों के अनुसार, FY25-26 में यूपीआई के जरिए 218.98 अरब लेनदेन दर्ज किए गए, जिनकी कुल वैल्यू 285 लाख करोड़ रुपए रही. वहीं वित्त वर्ष 2016-17 में यह आंकड़ा सिर्फ 1.786 करोड़ लेनदेन और 6,952 करोड़ रुपए की वैल्यू तक सीमित था. यह वृद्धि यूपीआई की तेज स्वीकार्यता और भरोसे को दर्शाती है.

धीमी शुरुआत से मुख्यधारा तक का सफर

शुरुआती वर्षों में यूपीआई का विस्तार धीरे-धीरे हुआ. वित्त वर्ष 2018 में 91.5 करोड़ और वित्त वर्ष 2019 में 5.39 अरब लेनदेन दर्ज किए गए. इसके बाद FY20 में यूपीआई मुख्यधारा में आ गया और लेनदेन की संख्या 12.52 अरब तक पहुंच गई, जबकि वैल्यू 21 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गई. महामारी के दौरान डिजिटल पेमेंट की मांग बढ़ने से यूपीआई के उपयोग में तेजी आई. वित्त वर्ष 2021 में लेनदेन 22.33 अरब और वित्त वर्ष 2022 में 45.97 अरब तक पहुंच गया. इसके बाद वित्त वर्ष 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 83.75 अरब हो गया.

लगातार बढ़ती रफ्तार, हर साल नया रिकॉर्ड

यूपीआई की ग्रोथ लगातार जारी रही. वित्त वर्ष 2024 में 130.13 अरब और वित्त वर्ष 2025 में 185.87 अरब लेनदेन दर्ज किए गए. यह दिखाता है कि यूपीआई अब देश के हर वर्ग और क्षेत्र में गहराई तक पहुंच चुका है.

व्यापारियों में भी तेजी से बढ़ा इस्तेमाल

2025 में व्यापारियों द्वारा यूपीआई को अपनाने की रफ्तार भी तेज हुई. यूपीआई क्यूआर कोड की संख्या में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 73.13 करोड़ तक पहुंच गई. वहीं पॉइंट-ऑफ-सेल टर्मिनलों की संख्या भी 15 प्रतिशत बढ़कर 1.148 करोड़ हो गई, जिससे डिजिटल पेमेंट को और बढ़ावा मिला.

मार्च 2026 में बना नया मासिक रिकॉर्ड

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार, मार्च 2026 में यूपीआई ने अब तक का सबसे ज्यादा मासिक लेनदेन दर्ज किया. इस दौरान 22.64 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए गए, जो फरवरी के 20.39 अरब और जनवरी के 21.70 अरब के पिछले रिकॉर्ड से भी अधिक है. सालाना आधार पर भी यूपीआई लेनदेन की मात्रा में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो इसकी लगातार बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है.

यह भी पढ़े: निवेशकों का भरोसा डगमगाया, गोल्ड ETF में आधा हुआ निवेश

Latest News

‘होर्मुज को बना देंगे कब्रिस्‍तान’, ईरानी सेना IRGC ने दी खुली धमकी

US Iran War: ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा...

More Articles Like This