Delhi Hospital Baby Theft: दिल्ली के रोहिणी स्थित बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल से नवजात शिशु चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया था. आरोपी महिला ने खुद को मरीज की तीमारदार बताकर पहले मां का भरोसा जीता और फिर बच्चे को लेकर फरार हो गई. पुलिस ने CCTV फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे से भी कम समय में महिला और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया तथा नवजात को सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पूरे मामले की जांच कर रही है.
अस्पताल से बच्चा चोरी होने से मची सनसनी
मंगलवार को दिल्ली के रोहिणी स्थित बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल से महज 2 दिन के नवजात शिशु के चोरी होने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई. परिवार और अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया. नवजात की मां को जब नींद से जागने पर बच्चा पास में नहीं मिला तो तुरंत अस्पताल स्टाफ को जानकारी दी गई और मामले की सूचना पुलिस को दी गई.
जांच में पता चला कि करीब 40 वर्षीय महिला ने खुद को एक मरीज की तीमारदार बताकर पहले नवजात की मां से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उसका विश्वास जीत लिया. मंगलवार तड़के उसने बच्चे को दूध पिलाने या संभालने का बहाना बनाया और नवजात को गोद में लेकर अस्पताल से बाहर निकल गई. अस्पताल के CCTV फुटेज में महिला बच्चे को लेकर जाते हुए स्पष्ट दिखाई दी, जिसके आधार पर पुलिस ने अपनी जांच तेज करते हुए आरोपी की पहचान और तलाश शुरू की.
12 घंटे से भी कम में गिरफ्तारी
रोहिणी जिले की नार्थ रोहिणी थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कई टीमें गठित कीं. CCTV फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इनपुट की मदद से पुलिस ने महज 12 घंटे से भी कम समय में आरोपी महिला और उसके 20 वर्षीय साथी को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से नवजात के साथ गिरफ्तार कर लिया. आरोपी पुलिस से बचने के लिए कई बार मेट्रो, रिक्शा और अन्य वाहन बदलती रही, लेकिन आखिरकार पुलिस ने उसे धर दबोचा.
नवजात के सकुशल वापसी पर परिवार में खुशी
रोहिणी जिले के एडिशनल डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि आरोपी महिला और उसका साथी नोएडा के रहने वाले हैं. पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे पहले भी इस तरह की वारदात में शामिल रहे हैं या उनके अन्य साथी भी हैं. पुलिस ने नवजात को सुरक्षित बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया. नवजात के सुरक्षित वापस मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली और घर में खुशी का माहौल लौट आया. परिजन लगातार दिल्ली पुलिस का आभार जता रहे हैं और उनकी सराहना कर रहे हैं.
हाल के समय में राजधानी में बच्चों के लापता होने की घटनाओं के बीच यह मामला भले ही सुकून देने वाला रहा हो, लेकिन यह एक गंभीर चेतावनी भी देता है. लोगों को चाहिए कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें और खासकर अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर नवजात व बच्चों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतें.
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