बाढ़-भूस्खलन से अरुणाचल प्रदेश में तबाही, एक की मौत, कई लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी वायुसेना

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Arunachal Pradesh Floods: अरुणाचल प्रदेश में बाढ़-भूस्खलन ने तबाही मचाई है. प्रदेश के केयी पान्योर जिले के याचुली इलाके में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने आफत मची है. अधिकारियों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि चार अन्य लोग अब भी लापता हैं.

यह घटना बुधवार को लगातार हुई भारी बारिश के बाद हुई, जिसकी वजह से पूरे इलाके में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. लापता लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है, हालांकि, खराब मौसम की वजह से इन ऑपरेशनों में काफी दिक्कतें आ रही हैं.

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़-भूस्खलन से तबाही(फोटो: रॉयटर्स)

भूस्खलन से सड़क संपर्क टूटा

भारी बारिश की वजह से जिले में कई जगहों पर भीषण भूस्खलन हुआ है, जिसके कारण याचुली की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं. सड़कों पर भारी मलबा जमा होने से कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है. इससे स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

सड़क मार्ग बंद होने के बाद अरुणाचल प्रदेश सरकार ने तुरंत आपातकालीन हवाई सहायता को सक्रिय किया. केयी पान्योर जिले के पूसा इलाके में आई बाढ़ के बाद भारतीय वायुसेना के समन्वय से एक बड़ा बचाव और राहत अभियान शुरू किया गया है. इसके जरिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के जवानों और राहत सामग्री को हवाई मार्ग से प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है.

शिलांग से मिली हवाई सहायता

अरुणाचल प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, पूसा क्षेत्र में बाढ़ की सूचना मिलते ही राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया था. केयी पान्योर के उपायुक्त की मांग पर नागरिक उड्डयन विभाग ने शिलांग स्थित पूर्वी वायु कमान (EAC) से संपर्क कर फंसे हुए लोगों को निकालने और बचाव कर्मियों को तैनात करने के लिए हवाई सहायता मांगी.

भारतीय वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय के कर्नल आर. मल्होत्रा और पूर्वी वायु कमान के ग्रुप कैप्टन मुकेश चौहान के मार्गदर्शन में एक विशेष मिशन शुरू किया. बेहद चुनौतीपूर्ण और खराब मौसम के बावजूद, वायुसेना की टीम सफलतापूर्वक होलोंगी पहुंची और वहां से पिटापूल के लिए रवाना हुई.

वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए SDRF की टीम और जरूरी जीवन रक्षक उपकरणों को राजधानी क्षेत्र ईटानगर से सीधे प्रभावित इलाके पिटापूल में एयरलिफ्ट किया गया.

अधिकारियों ने बताया कि जिले में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी अतिरिक्त हवाई उड़ानें संचालित की जाएंगी. नागरिक उड्डयन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने इस आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए भारतीय वायुसेना, SDRF के जवानों और एपीडी होलोंगी का आभार व्यक्त किया है.

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