Iranian Crude: ट्रंप के होर्मुज बंद करने की चेतावनी के बीच भारत पहुंची ईरानी कच्चे तेल की खेप

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iranian Crude: अमेरिका-इस्राइल-ईरान जंग के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. वैश्विक ऊर्जा बाजार जारी है और इसी दौरान लगभग सात साल के लंबे अंतराल के बाद ईरानी कच्चे तेल की खेप भारत पहुंची है. अमेरिका की ओर से दी गई प्रतिबंधों में अस्थायी छूट के चलते करीब 40 लाख (4 मिलियन) बैरल कच्चा तेल लेकर दो सुपरटैंकर भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों पर पहुंचे हैं. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब सप्ताहांत में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल हो गई है और वाशिंगटन ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी (ब्लॉकेड) का ऐलान किया है.

शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी द्वारा संचालित ‘फेलिसिटी’ नामक एक बहुत बड़ा क्रूड कैरियर रविवार की देर रात गुजरात के सिक्का तट पर लंगर डाल चुका है. इस जहाज में लगभग 20 लाख (2 मिलियन) बैरल कच्चा तेल है, जिसे मार्च के मध्य में ईरान के खार्ग द्वीप से लोड किया गया था. उसी समय, दूसरा टैंकर ‘जया’ ओडिशा के पारादीप तट के पास खड़ा हुआ है, जिसमें इतनी ही मात्रा में तेल मौजूद है. ‘जया’ में मौजूद तेल फरवरी के अंत में तब लोड किया गया था, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर सैन्य हमले शुरू नहीं किए थे.

ईरानी तेल का भारत आना अमेरिकी प्रशासन द्वारा पिछले महीने दी गई 30 दिनों की प्रतिबंध छूट का परिणाम है. यह कदम वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बाधाओं को कम करने और अमेरिका-इस्राइल युद्ध के कारण तेजी से बढ़ती तेल की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया था. यह एक महीने की छूट केवल पारगमन वाले तेल को बेचने की अनुमति देती है.

इन खेपों के खरीदारों के नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. हालांकि, पारादीप बंदरगाह मुख्य रूप से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) द्वारा संचालित होता है, जिसने इस छूट के तहत कम से कम एक ईरानी खेप खरीदने की पुष्टि की है. दूसरी ओर, गुजरात का सिक्का रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल) के लिए एक प्रमुख क्रूड हैंडलिंग हब है.

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