South korea: सोमवार को उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी समुद्री इलाके की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. यह जानकारी दक्षिण कोरिया की सेना ने दी. यह हाल के दिनों में हथियारों के प्रदर्शन का एक और मामला है, जिससे कूटनीतिक बातचीत लंबे समय से रुकी होने के बीच तनाव और बढ़ गया है.
क्या बताया जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने?
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि मिसाइलें उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के आस-पास के इलाके से दागी गईं. हाल के वर्षों में देश ने अपने हवाई अड्डे का इस्तेमाल एक मुख्य लॉन्च साइट के तौर पर किया है. जॉइंट चीफ्स ने तुरंत यह नहीं बताया कि कितनी मिसाइलें देखी गईं या वे कितनी दूर तक गईं. जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने कम से कम दो मिसाइलें देखीं और अनुमान लगाया कि ये हथियार देश के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन के बाहर समुद्र में गिरे.
यह लॉन्च दक्षिण कोरिया ने शुक्रवार को अपने पहले घरेलू स्तर पर विकसित हाइपरसोनिक हथियार के उड़ान परीक्षण के कुछ दिनों बाद किया. इस हथियार को ध्वनि की गति से कम से कम पांच गुना तेज उड़ने और मिसाइल डिफेंस सिस्टम से बचने के लिए डिजाइन किया गया है. राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने इसे दक्षिण कोरिया की पारंपरिक रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.
क्यों उत्तर कोरिया कर रहा इतने परीक्षण?
सियोल के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर कोरिया अपने परमाणु-सक्षम हथियारों के जखीरे को बढ़ाने के लिए लगातार हथियारों का परीक्षण कर रहा है. इसमें 3 अक्तूबर को किया गया वह परीक्षण भी शामिल है, जिसे उत्तर कोरिया ने हाइपरसोनिक इंटरमीडिएट-रेंज मिसाइल बताया था. इसे दक्षिण कोरिया और जापान की मिसाइल सुरक्षा प्रणालियों से बचने के लिए डिजाइन किया गया है. उत्तर कोरिया ने मिसाइल के और भी टेस्ट किए हैं.

