Chandranath Rath Murder: बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी क्रम में में बुधवार रात बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी. उत्तर 24 परगना जिले में BJP नेता शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ के मर्डर के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है. बेटे की हत्या को लेकर चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ की प्रतिक्रिया सामने आ गई है. उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख जताया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि वह एक मां हैं और दोषियों के लिए फांसी की सजा नहीं चाहती हैं. इसके बजाय दोषियों को उम्रकैद की सजा मिलनी चाहिए.
4 मई वाली धमकी को पूरा कर दिखायाः हसीरानी
हसीरानी रथ के अनुसार, यह हत्या सियासी वजहों से हुई है. उन्होंने यह सब इसलिए किया, क्योंकि बीजेपी सरकार में आ गई है. हमारे प्रदेश अध्यक्ष और नेता बार-बार राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहे हैं, लेकिन सत्ताधारी दल के जिन लोगों ने भड़काऊ बयान दिए थे कि 4 मई के बाद दिल्ली के लोग हमें नहीं बचा पाएंगे, उन्होंने 4 तारीख के बाद वही कर दिखाया.
#WATCH | Chandipur, Purba Medinipur, West Bengal: Hasirani Rath, mother of BJP leader Suvendu Adhikari's PA Chandra, who was shot dead near Madhyamgram last night, says, "I want the guilty to be punished. I am a mother, I do not want them to be hanged. I want life imprisonment… pic.twitter.com/h1OMxWFbO3
— ANI (@ANI) May 7, 2026
हादसे में बेटे की मौत हुई होती तो इतना दुख नहीं होता
उन्होंने आगे कहा, ‘अगर मेरे बेटे की मौत किसी हादसे में हुई होती, तो मुझे इतना ज्यादा दुख नहीं होता. जिस प्रकार बदमाशों ने मेरे बेटे को प्रताड़ित किया और मार दिया, ये सब तृणमूल की मनगढ़ंत कहानियां हैं. जब से सुवेंदु बाबू ने ममता बनर्जी को हरा दिया है, तब से मेरी फैमिली ऐसे ही खतरे का सामना कर रही है.’
यह पूर्व नियोजित हत्याकांडः शुभेंदु अधिकारी
मालूम हो कि बुधवार की रात शुभेंदु अधिकारी के पीए पर मध्यमग्राम के पास गोलियां चलाई गई थीं. इस हमले में उनकी मौत हो गई. इस वारदात पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु अधिकारी कहा कि यह एक पूर्व नियोजित हत्याकांड है और यही बात डीजीपी ने कही है. हत्या की पूरी योजना दो-तीन दिन तक रेकी के बाद बनाई गई थी.