Iran America Ceasefire: ट्रंप प्रशासन के उन दावों को ईरान ने खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है. पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रजा अमीरी मोघदम ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच कोई बातचीत नहीं होगी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले मिडिल ईस्ट जंग में जीत का दावा करते हुए कहा कि ईरान परमाणु हथियार कभी नहीं रखने पर सहमत हो गया है और उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सौगात भेजी है.
US ने धोखा देकर किया हमला: ईरान
आईआरएनए न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान में ईरानी राजदूत ने कहा कि यह युद्ध इसलिए शुरू हुआ, क्योंकि अमेरिका ने बातचीत के बीच धोखा देकर हमला किया. संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच संभावित शांति वार्ता के बारे में किसी भी जानकारी से इनकार किया था. उन्होंने कहा कि इजरायल लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना है.
उन्होंने कहा, ‘इस समय इजरायल और अमेरिका ईरान में सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. हम ऐसे हमले जारी रखेंगे. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ईरान के पास परमाणु क्षमता न रहे, बैलिस्टिक मिसाइलें न हों. हमने ईरानी सरकार को कमजोर कर दिया है. सबको ये समझना चाहिए कि इस क्षेत्र में कौन स्थिरता ला रहा है और कौन अशांति फैला रहा है.’
अमेरिका का राजनयिक प्रयास दिखावा: ईरान
ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने अमेरिका के हालिया राजनयिक प्रयासों को दिखावा बताया. उन्होंने दावा किया कि एक समय में संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से इस्तेमाल किया जाने वाला वैश्विक प्रभाव अब समाप्त हो चुका है. ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, खामत अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका की रणनीतिक शक्ति उनकी रणनीतिक हार में बदल गई है. अगर दुनिया के स्वघोषित महाशक्ति इस संकट से बच सकती तो अब तक बच चुकी होती. वे अपनी हार को समझौता कह रहे हैं.

