Russia-Ukraine War: काला सागर में रूसी नौसेना के अहम ठिकाने पर हमले का दावा किया. ये दावा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने किया. उन्होंने कहा कि यूक्रेनी ड्रोन, मिसाइलों और मानवरहित नौसैनिक प्रणालियों से रूस के नोवोरोसिस्क में नौसैनिक अड्डे और बंदरगाह के अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया.
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले को लेकर क्या कहा?
जेलेंस्की ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘मंगलवार रात यूक्रेन के रक्षा बलों ने नोवोरोसिस्क स्थित नौसैनिक अड्डे पर एक विशेष अभियान चलाया. यह काला सागर में रूसी नौसेना का आखिरी बड़ा प्रमुख ठिकाना माना जाता है और यह अग्रिम मोर्चे से 300 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है.
उन्होंने कहा कि हमारे जेट इंजन से लैस ‘पालियानित्सिया ड्रोन’, ‘नेपच्यून’ मिसाइलों और मानवरहित नौसैनिक प्रणालियों ने तय लक्ष्यों पर सफलतापूर्वक हमला किया. वायु रक्षा ठिकानों, घाटों (पियर्स) और बंदरगाह के बुनियादी ढांचे पर हमले की पुष्टि हुई है.
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, मैं यूक्रेन के सशस्त्र बलों, यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) और हमारी खुफिया एजेंसियों के जवानों को उनकी सटीक कार्रवाई और सफल परिणामों के लिए धन्यवाद देता हूं.
उन्होंने कहा कि जब तक रूस का आक्रमण जारी रहेगा, तब तक उनकी नौसेना और उसे समर्थन देने वाला कोई भी बुनियादी ढांचा सुरक्षित नहीं रहेगा. इस युद्ध को रुकना चाहिए और कूटनीतिक समाधान के लिए सभी उचित प्रस्ताव बातचीत की मेज पर मौजूद हैं.
क्या कहा यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने?
इससे पहले यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने भी लंबी दूरी के लक्ष्यों पर निशाना साधते हुए रूस के अहम ठिकानों को तबाह करने का दावा किया. यूक्रेन ने रूस के साइबेरिया क्षेत्र में ढाई हजार किलोमीटर से अधिक दूर स्थित तेल शोधन सुविधा को निशाना बनाने का दावा किया है. यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसकी पहुंच रूस के रणनीतिक ठिकानों तक बढ़ रही है.
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ‘यूक्रेन की लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता ने एक नया मुकाम हासिल किया है. यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने रूस के तेल शोधन उद्योग के एक और अहम ठिकाने को निशाना बनाया है. इस बार हमला साइबेरिया के टोबोल्स्क शहर में किया गया, जो यूक्रेन से 2,500 किलोमीटर से भी अधिक दूर है.

