Death Of Lindsey Graham: अमेरिका से चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां सीनेटर लिंडसे ग्राहम का आक्समिक निधन हो गया. सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में U.S. सीनेटर लिंडसे ग्राहम के ऑफिस ने कहा कि बीते शनिवार को अचानक लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया.
इस स्टेटमेंट में कहा गया है कि साउथ कैरोलिना में रिपब्लिकन पार्टी नेता का शनिवार शाम “एक छोटी और अचानक हुई बीमारी” के कारण निधन हो गया. हालांकि, इसके बारे में और अधिक कोई जानकारी नहीं दी गई. लिंडसे ग्राहम के ऑफिस की तरफ से आए छोटे बयान में उनकी मौत की वजह से नहीं बताई गई है.
2002 में चुने गए थे अमेरिकी सीनेट के लिए
मालूम हो कि रिपब्लिकन लीडर लिंडसे ग्राहम 2002 में अमेरिकी सीनेट के लिए चुने गए थे. वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी माने जाते थे. ईरान के मामले पर लिंडसे ग्राहम अक्सर सख्त रुख अपनाते नजर आते थे.
ईरान पर हमले के समर्थक थे लिंडसे ग्राहम
लिंडसे ग्राहम ने 1990 के दशक में संसद के सदस्य के रूप में ईरान को अलग-थलग करने और उसके मिसाइल व न्यूक्लियर प्रोग्राम को सीमित करने वाली पॉलिसी का सपोर्ट भी किया था. लिंडसे ग्राहम ने पिछले वर्ष ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर अटैक करने के डोनाल्ड ट्रंप के निर्णय का भी समर्थन किया था. साथ ही कुछ महीने पहले ईरान से शुरू हुए अमेरिका के टकराव के भी लिंडसे ग्राहम समर्थक थे.
राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनना चाहते थे ग्राहम
लिंडसे ग्राहम, जो अपनी आक्रामक फॉरेस पॉलिसी के लिए जाने जाते थे, ने 2016 के चुनाव प्रचार में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से अमेरिका राष्ट्रपति पद के कैंडिडेट बनने का छोटा सा प्रयास किया था. हालांकि, ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद लिंडसे ग्राहम उनके सबसे करीबी सहयोगियों में से एक बन गए थे.
ट्रंप से अक्सर बात करते नजर आते थे लिंडसे ग्राहम
लिंडसे ग्राहम, अक्सर ट्रंप से बात करते नजर आते थे और ट्रंप के साथ गोल्फ कोर्स में भी नियमित तौर पर दिखाई देते थे. लिंडसे ग्राहम ने ईरान और रूस जैसे फॉरेन पॉलिसी के मामलों पर ट्रंप को खासतौर पर सलाह दी थी.