White House Shooting: शनिवार की देर शाम दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति निवास ‘व्हाइट हाउस’ के बाहर गोलीबारी की घटना हुई. इस घटना के पीछे की परतें अब खुलने लगी हैं. अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में मारे गए हमलावर की पहचान नासिर बेस्ट (Nasir Best) (21 वर्ष) के रूप में हुई है. इस पूरी घटना ने उस समय पूरी दुनिया का ध्यान खींचा, जब ओवल ऑफिस के अंदर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान संकट पर हाई-लेवल मीटिंग कर रहे थे. सुरक्षा एजेंसियों की जांच में हमलावर नासिर बेस्ट को लेकर कई ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिन्हें जानकर जांचकर्ता भी सोच में पड़ गए हैं.
अचानक शुरु की अंधाधुंध फायरिंग
अधिकारियों के अनुसार, नासिर बेस्ट एक रिवॉल्वर लेकर व्हाइट हाउस के बेहद सुरक्षित सुरक्षा चेकपॉइंट के पास पहुंचा और अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इससे पहले कि वह भारी तबाही मचा पाता, वहां तैनात अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के जांबाज कमांडो ने तत्काल मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की. सीक्रेट सर्विस की गोलियां लगने से नासिर बेस्ट गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तत्काल जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. इस मुठभेड़ में कोई भी सुरक्षाकर्मी घायल नहीं हुआ. हालांकि गोलीबारी की जद में आने से एक राहगीर के घायल होने की खबर है.
नासिर बेस्ट खुद को समझता था ‘यीशु’
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने नासिर बेस्ट को मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान व्यक्ति बताया है. वहीं, अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 वर्षीय यह हमलावर गंभीर मानसिक भ्रम का शिकार था और खुद को ‘यीशु’ (Jesus Christ) मानता था. हैरान करने वाली बात यह है कि नासिर बेस्ट कोई नया चेहरा नहीं था, बल्कि सीक्रेट सर्विस उसे पहले से जानती थी. वह एक आदतन अपराधी था और जून 2025 में भी व्हाइट हाउस में घुसने का प्रयास कर चुका था.
अदालत ने उसे सख्त आदेश देते हुए व्हाइट हाउस परिसर से दूर रहने की हिदायत दी थी, लेकिन मानसिक रूप से विक्षिप्त नासिर ने कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए इस बार सीधे हथियारों के साथ हमला बोल दिया. उसके पास हथियार कहां से आया, सुरक्षा एजेंसियां अब इसकी जांच में जुटी हैं.

