बरपेटा में गरजे PM मोदी: महिलाओं के लिए किया बड़ा ऐलान, कांग्रेस को घेरा

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

PM Modi Barpeta Rally 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के बरपेटा में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया. इस रैली को चुनाव का निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, जहां से भाजपा-एनडीए ने अंतिम प्रहार करने की रणनीति अपनाई है.

बरपेटा की इस सभा में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर पीएम ने कहा कि असम की जनता ने इस बार दो बड़े फैसले पहले ही कर लिए हैं— पहला, एनडीए सरकार की हैट्रिक और दूसरा, कांग्रेस के ‘शाही परिवार’ के नामदारों के लिए हार का नया रिकॉर्ड बनाना. उनके इस बयान से साफ संकेत मिला कि भाजपा इस चुनाव में पूरी तरह आत्मविश्वास से भरी हुई है.

कांग्रेस पर ‘करप्शन’ को लेकर तीखा हमला

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस पर सीधा और तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा शॉर्ट टर्म सोच पर आधारित रही है, जहां योजनाएं इस तरह बनाई जाती हैं कि उनमें भ्रष्टाचार की गुंजाइश बनी रहे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल ऐसे काम करती है, जिनमें तत्काल लाभ दिखे और जिनसे ‘करप्शन’ किया जा सके, जबकि भाजपा एक लंबे विजन के साथ काम कर रही है.

भाजपा का लक्ष्य ‘विकसित असम’ बनाना है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है. प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि बीते 10 साल असम की पहचान को बचाने और राज्य में शांति स्थापित करने के लिए समर्पित रहे हैं. अब आने वाले 5 साल असम की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के होंगे.

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बड़ा ऐलान

महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाने जा रही है, जिसमें महिला आरक्षण बिल, यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम, को पेश किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस कानून से किसी भी राज्य—चाहे वह पूर्वोत्तर हो या दक्षिण भारत—को नुकसान नहीं होगा. इसके लिए महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें सृजित करने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कम न हो. उन्होंने असम की महिलाओं से अपील की कि वे सभी राजनीतिक दलों पर दबाव बनाएं कि इस कानून को सर्वसम्मति से पारित किया जाए. उन्होंने इसे देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया.

भाजपा स्थापना दिवस पर ‘राष्ट्र प्रथम’ का संकल्प

6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस भी है. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने देशभर के पार्टी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भाजपा ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता मां भारती की सेवा के लिए समर्पित है और देशहित को सर्वोपरि मानता है.

साथ ही, उन्होंने असम के प्रमुख त्योहार बोहाग बिहू का भी जिक्र किया और कहा कि इस बार राज्य में बिहू के साथ लोकतंत्र का महापर्व भी मनाया जा रहा है, जो लोगों के उत्साह को और बढ़ा रहा है.

रैली में दिखा प्रधानमंत्री का मानवीय पक्ष

बरपेटा की इस रैली में प्रधानमंत्री मोदी का एक भावुक और मानवीय पक्ष भी देखने को मिला. सभा के दौरान जब उन्होंने भीड़ में कुछ बच्चों को अपनी बनाई पेंटिंग्स के साथ खड़े देखा, तो वे तुरंत भावुक हो गए. उन्होंने एसपीजी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे उन बच्चों की पेंटिंग्स को इकट्ठा करें. प्रधानमंत्री ने बच्चों से वादा किया कि वे उन्हें व्यक्तिगत रूप से चिट्ठी लिखेंगे. इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि सुबह 11 बजे इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एकत्र होना असाधारण है. उन्होंने दावा किया कि इस भीड़ ने उनके गुजरात के पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है.

बरपेटा की इस रैली के जरिए पीएम ने साफ कर दिया है कि भाजपा इस चुनाव में विकास, सुरक्षा और स्थिर सरकार के मुद्दे पर जनता के बीच जा रही है. कांग्रेस पर ‘विजन की कमी’ और ‘भ्रष्टाचार’ के आरोप लगाकर उन्होंने मतदाताओं को यह संदेश देने की कोशिश की है कि असम का भविष्य केवल ‘डबल इंजन’ सरकार के साथ ही सुरक्षित है. अब 9 अप्रैल को होने वाला मतदान तय करेगा कि पीएम मोदी का ‘हैट्रिक’ वाला दावा हकीकत में बदलता है या नहीं. यह चुनाव न सिर्फ असम की राजनीति की दिशा तय करेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है.

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