Bypoll Results: देश के पांच राज्यों में सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों की मतगणना के बीच शुरुआती रुझान और कुछ नतीजे सामने आए हैं, जिनमें प्रमुख दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. गुजरात की उमरेठ सीट पर भाजपा के हर्षदभाई गोविंदभाई परमार बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं कर्नाटक की बागलकोट सीट पर कांग्रेस के उमेश हुल्लप्पा मेती आगे चल रहे हैं, जबकि दावणगेरे साउथ सीट पर कांग्रेस के समार्थ शमनूर मल्लिकार्जुन बढ़त बनाए हुए हैं.
सुनेत्रा 78244 वोटों से आगे
महाराष्ट्र की बारामती सीट पर एनसीपी की सुनेत्रा अजित पवार 78244 वोटों से आगे हैं. वहीं राहुरी सीट पर भाजपा के अक्षय शिवाजीराव कर्दिले बढ़त में हैं. इस बीच दो सीटों पर नतीजे घोषित हो चुके हैं. नागालैंड की कोरिडांग सीट पर भाजपा के दाओचियर इमचेन ने 3123 वोटों से जीत दर्ज की है. वहीं त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर भाजपा के जहर चक्रवर्ती 18290 वोटों से विजयी हुए हैं.
राजनीतिक हलकों में उत्सुकता
महाराष्ट्र की दोनों ही सीटों पर मतदान प्रतिशत मध्यम स्तर का रहा, जिससे परिणामों को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है. पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट पर 58.27 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. यह सीट 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई थी.
सुनेत्रा पहली बार चुनाव मैदान में उतरी
इस उपचुनाव में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार पहली बार चुनाव मैदान में उतरी हैं. बारामती में कुल 23 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन किसी बड़े राजनीतिक दल ने उनके खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा है. चुनाव प्रचार के दौरान सुनेत्रा पवार ने मतदाताओं से अपने दिवंगत पति को श्रद्धांजलि देने के रूप में समर्थन की अपील की थी. क्षेत्र में पवार परिवार की मजबूत पकड़ को देखते हुए उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है.
राहुरी सीट पर 56.20 प्रतिशत मतदान
वहीं, अहिल्यानगर जिले की राहुरी विधानसभा सीट पर 56.20 प्रतिशत मतदान हुआ. यह सीट भाजपा विधायक शिवाजी कर्डिले के पिछले साल अक्टूबर में निधन के बाद रिक्त हुई थी. इस सीट पर भाजपा ने उनके बेटे अक्षय कर्डिले को उम्मीदवार बनाया है. उनके मुख्य मुकाबले में एनसीपी (शरद पवार गुट) के गोविंद मोकाटे और वंचित बहुजन आघाड़ी के संतोष चालके शामिल हैं.
उपचुनाव में 59.04 प्रतिशत मतदान
गुजरात की उमरेठ विधानसभा सीट पर सबकी नजर टिकी हुई है. तत्कालीन भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन के बाद 23 अप्रैल को उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था. विधानसभा सीट के 306 मतदान केंद्रों पर हुए उपचुनाव में 59.04 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसमें छह उम्मीदवार मैदान में थे. इस उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार हर्षद गोविंदभाई परमार और कांग्रेस उम्मीदवार भृगुराजसिंह चौहान के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला.
हर्षद परमार के लिए यह पहला बड़ा चुनाव
हर्षद परमार चार बार के विधायक गोविंद परमार के पुत्र हैं, जिनका 6 मार्च को 72 वर्ष की आयु में संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया. हर्षद परमार के लिए यह पहला बड़ा चुनाव है. कांग्रेस के उम्मीदवार भृगुराजसिंह चौहान, जो 62 वर्षीय एक अनुभवी स्थानीय नेता हैं, ने भी अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा. चौहान ने 2000 से 2015 के बीच लगातार तीन कार्यकाल तक उमरेठ तालुका पंचायत के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. वह वर्तमान में राज्य में पार्टी के केंद्रीय क्षेत्र के समन्वयक हैं. 2022 के विधानसभा चुनावों में गोविंद परमार ने भाजपा के लिए उमरेठ सीट बरकरार रखी थी.
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