Tamil Nadu CM: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को शपथ लेने के तुरंत बाद अपनी सरकार के पहले बड़े फैसलों में से एक के तौर पर 200 यूनिट मुफ्त बिजली और ‘सिंगापेन’ स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया.
सीएम बनते ही एक्शन में विजय
यहां जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद, विजय ने वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों की मौजूदगी में अहम सरकारी फाइलों पर दस्तखत किए, जो टीवीके सरकार के कल्याण और शासन के एजेंडे की शुरुआत का संकेत था.
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने दिलाई शपथ Tamil Nadu CM
विजय को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई. इस मौके पर स्टेडियम में जमा हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और फिल्म प्रशंसकों ने जोरदार नारे लगाकर उनका स्वागत किया. उन्होंने सी. जोसेफ विजय के नाम पर पद और गोपनीयता की शपथ ली. टीवीके प्रमुख ने तब पद संभाला जब उनकी पार्टी हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में 234 सदस्यों वाले सदन में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े 118 से पीछे रह गई लेकिन कांग्रेस ने उसे समर्थन दिया.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे
सीपीआई, सीपीआई (एम), वीसीके, और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईएमयूएल) ने भी इस गठबंधन का समर्थन किया, जिससे इसकी ताकत बढ़कर 120 विधायकों तक पहुंच गई. शपथ ग्रहण समारोह में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. स्टेडियम के अंदर सिर्फ करीब 6,000 मेहमानों को ही वीआईपी पास के जरिए जाने की इजाजत थी. चेन्नई के पुलिस कमिश्नर की देखरेख में सुरक्षा के इंतजाम किए थे, जिसमें पांच अतिरिक्त कमिश्नर और 12 संयुक्त कमिश्नर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे.
राजनेता और फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं
इस कार्यक्रम में कई जाने-माने राजनेता और फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, गठबंधन के नेता, विजय के माता-पिता, रिश्तेदार, दोस्त और तमिल फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी हस्तियां शामिल थीं. विजय के साथ-साथ एन. आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोत्तैयान, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु, और एस. कीर्तन ने नए मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली. इस समारोह ने तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में एक ऐतिहासिक पल को चिह्नित किया, जिसने राज्य की पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों के दशकों के वर्चस्व को समाप्त करते हुए विजय के नेतृत्व में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत की.

