Bangladesh Dengue: बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर के शुरुआती 13 दिनों में ही डेंगू संक्रमण से 52 लोगों की मौत हो चुकी है. यह इस साल अब तक किसी एक महीने में हुई मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा है. तेजी से बढ़ते मामलों और मौतों ने बांग्लादेश के सामने सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को और गंभीर बना दिया है. स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के आंकड़ों के अनुसार, डेंगू से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 149 हो गई है. वहीं, रविवार तक देश में 51,837 डेंगू मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था.
देर से अस्पताल पहुंचना भी बढ़ा रहा मौतों का आंकड़ा
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने डेंगू से होने वाली मौतों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण बताए हैं. इनमें मरीजों का देर से अस्पताल पहुंचना, गलत इलाज और अधिक जोखिम वाले लोगों का संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील होना शामिल है. विशेषज्ञों के मुताबिक, कई मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब उनकी हालत पहले ही गंभीर हो चुकी होती है. ऐसे में समय पर जांच और इलाज नहीं मिलने से स्थिति और बिगड़ सकती है.
संक्रमण बढ़ने से तेजी से बढ़ रही मौतें
ढाका के शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर एचएम नजमुल अहसान ने बताया कि डेंगू से होने वाली मौतों में हालिया वृद्धि मुख्य रूप से देशभर में संक्रमण के तेजी से फैलने का परिणाम है. नजमुल अहसान के अनुसार, डेंगू से होने वाली मौतों के पीछे तीन प्रमुख तरह के कारक हैं. इनमें वायरल कारक, मरीज की व्यक्तिगत संवेदनशीलता और इलाज से जुड़ी जटिलताएं शामिल हैं.
तीन स्तरों पर इलाज मजबूत करने की जरूरत
सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुश्तुक हुसैन ने डेंगू के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया है. उन्होंने डेंगू के इलाज के लिए प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं वाले त्रि-स्तरीय सिस्टम को बेहतर तरीके से लागू करने की जरूरत बताई. उनके मुताबिक, मरीजों को बीमारी की गंभीरता के अनुसार समय पर उचित स्वास्थ्य सुविधा मिलना बेहद जरूरी है.
आने वाले महीनों में और बिगड़ सकती है स्थिति
बांग्लादेश के मत्स्य और पशुधन राज्य मंत्री सुल्तान सलाउद्दीन टुकू ने रविवार को डेंगू को लेकर लोगों को सतर्क किया. उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले महीनों में ढाका समेत देश के अन्य जिलों में डेंगू की स्थिति और खराब हो सकती है. बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट यूएनबी के मुताबिक, टुकू ने लोगों से अभी से जागरूक और सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि आने वाले महीनों में डेंगू का खतरा और बढ़ने की आशंका है.
सभी 64 जिलों तक पहुंचा डेंगू
बांग्लादेशी दैनिक प्रोथोम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, डेंगू अब देश के सभी 64 जिलों में फैल चुका है. मच्छर से फैलने वाली इस बीमारी के कारण हर दिन सैकड़ों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, डेंगू को काफी हद तक रोका जा सकने वाली बीमारी माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद लगभग हर दिन मरीजों की मौत हो रही है. इससे बीमारी की रोकथाम और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं.
सितंबर के अंत और अक्टूबर में बढ़ सकता है खतरा
सरकार ने आशंका जताई है कि सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में डेंगू की स्थिति और गंभीर हो सकती है. कम से कम 15 जिलों में संक्रमण बढ़ने की आशंका जताई गई है. पिछले डेढ़ से दो महीनों से सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और कीट-विशेषज्ञों का एक समूह लगातार चेतावनी देता आ रहा था कि सितंबर और अक्टूबर में डेंगू का प्रकोप बढ़ सकता है.
सितंबर के आखिरी सप्ताह में पीक का अनुमान
9 सितंबर को ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में बांग्लादेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री एमए मुहित ने भी डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि देश में डेंगू के मामले पहले ही बढ़ने लगे हैं और सितंबर के आखिरी सप्ताह या अक्टूबर की शुरुआत में संक्रमण अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है.
रोकथाम को लेकर सरकारी तालमेल पर सवाल
बांग्लादेश में डेंगू के बढ़ते मामलों और मौतों को लेकर पिछले कई वर्षों से मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक चर्चाएं होती रही हैं. इसके बावजूद बीमारी की रोकथाम को लेकर सरकार की तैयारियों और प्रतिबद्धता पर सवाल उठ रहे हैं. प्रोथोम आलो की रिपोर्ट में डेंगू नियंत्रण के प्रयासों में तालमेल की कमी को सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बताया गया है. बढ़ते संक्रमण के बीच विशेषज्ञ अब प्रभावी निगरानी, समय पर जांच, बेहतर उपचार व्यवस्था और मच्छरों की रोकथाम के लिए अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर जोर दे रहे हैं.
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