Chakrasana Benefits: रोज 5-10 मिनट करें चक्रासन, कमर-रीढ़ की मजबूती से तनाव कम करने तक मिलेंगे फायदे

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Chakrasana Benefits: योग भारतीय संस्कृति की प्राचीन धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है. योग के अलग-अलग आसनों में चक्रासन को भी महत्वपूर्ण माना जाता है. नियमित और सही तरीके से इसका अभ्यास शरीर में लचीलापन बढ़ाने के साथ मांसपेशियों को मजबूत करने और मानसिक तनाव कम करने में मदद कर सकता है. चक्रासन में शरीर को पीछे की ओर मोड़कर पहिए जैसी आकृति बनाई जाती है. इसी वजह से इसे चक्रासन कहा जाता है. इस आसन के दौरान पीठ, हाथ, पैर और पेट की मांसपेशियों पर काम होता है. इससे शरीर के लचीलेपन और पोश्चर में सुधार लाने में मदद मिल सकती है.

क्या है चक्रासन?

‘चक्र’ का अर्थ पहिया और ‘आसन’ का अर्थ मुद्रा होता है. चक्रासन में शरीर को पीछे की तरफ मोड़ते हुए हाथों और पैरों के सहारे ऊपर उठाया जाता है. इस दौरान शरीर का आकार पहिए जैसा दिखाई देता है. योग विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित अभ्यास से चक्रासन शरीर की सक्रियता और लचीलेपन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. हालांकि, इस आसन को सही तकनीक के साथ करना जरूरी है.

चक्रासन करने से मिल सकते हैं ये फायदे

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, चक्रासन को योग अभ्यास में शामिल करने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं. इसके नियमित अभ्यास से कमर और रीढ़ से जुड़ी समस्याओं में राहत मिल सकती है. इसके अलावा कब्ज से राहत और तनाव व चिंता को कम करने में भी मदद मिल सकती है. यह आसन मांसपेशियों को मजबूत करने और शरीर की सक्रियता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है. नियमित अभ्यास मानसिक तनाव को कम करके मन को शांत रखने में मदद कर सकता है.

कैसे करें चक्रासन?

चक्रासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं. इसके बाद दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर पंजों को कूल्हों के पास रखें. अब दोनों हाथों को सिर के पास ले जाएं. हथेलियों को जमीन पर रखें और उंगलियों को कंधों की दिशा में रखें. इसके बाद सांस लेते हुए हथेलियों और पैरों पर दबाव डालकर शरीर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं. इस स्थिति में सिर को आराम से पीछे की ओर रहने दें और शरीर को जितना सहज हो उतना ही मोड़ें. करीब 10 से 20 सेकंड तक इस मुद्रा में बने रहने की कोशिश करें और इस दौरान सामान्य रूप से सांस लेते रहें. इसके बाद बिना जल्दबाजी किए धीरे-धीरे शरीर को वापस जमीन पर ले आएं.

लंबे समय तक बैठने वालों के लिए भी उपयोगी

आजकल लंबे समय तक बैठकर काम करने की वजह से कई लोगों को कमर और शरीर में जकड़न महसूस होती है. ऐसे में योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है. चक्रासन नियमित योग अभ्यास का हिस्सा बनाकर शरीर की लचक और रीढ़ की मजबूती पर काम किया जा सकता है. इसके साथ ही यह पूरे शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान महसूस कराने में मदद कर सकता है. हालांकि, चक्रासन एक अपेक्षाकृत कठिन बैकबेंड है. शुरुआती लोगों को इसे योग विशेषज्ञ की देखरेख में सीखना चाहिए और दर्द या असहजता होने पर अभ्यास रोक देना चाहिए. किसी बीमारी, चोट या रीढ़ से जुड़ी समस्या होने पर अभ्यास शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है.

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