Health Tips: आज भी पूरे विश्व में कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिनका पूरी तरह इलाज संभव नहीं हो पाया है. विशेषज्ञों की मानें तो ये बीमारियां एक बार होने के बाद जड़ से खत्म नहीं होतीं बल्कि इन्हें केवल कंट्रोल किया जा सकता है. ऐसे में इनके लक्षणों को समय रहते पहचानना और सही इलाज लेना बेहद जरूरी हो जाता है. ऐसी बीमारियों में पार्किंसंस रोग, एचआईवी/एड्स, डायबिटीज, मल्टीपल और स्क्लेरोसिस शामिल हैं, जिनका अभी तक इलाज उपलब्ध नहीं हो पाया है.
पार्किंसंस रोग
पार्किंसंस रोग एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें नर्वस सिस्टम प्रभावित हो जाता है. इसके कारण मरीज के हाथ-पैर कांपने लगते हैं, चलने-फिरने में दिक्कत होती है और कई बार बोलने में भी परेशानी आने लगती है. हालांकि दवाओं और फिजियोथेरेपी की मदद से इसके लक्षणों को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन इसका स्थायी इलाज अभी तक संभव नहीं है.
HIV/AIDS
एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS) एक ऐसी बीमारी है जिसमें एचआईवी वायरस शरीर की इम्यूनिटी को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है. इसके कारण मरीज को बार-बार संक्रमण होने लगता है, वजन कम होने लगता है और लगातार थकान महसूस होती है. हालांकि एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) की मदद से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है और वायरस को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन एड्स का अभी तक कोई स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है.
डायबिटीज
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करती है. इसमें मरीज को बार-बार प्यास लगना, ज्यादा पेशाब आना और लगातार थकान महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इस बीमारी को दवाओं, इंसुलिन और सही लाइफस्टाइल की मदद से कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह ठीक करना अभी संभव नहीं है.
ऑटोइम्यून
ऑटोइम्यून बीमारी ऐसी बीमारियां होती हैं, जिनमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपनी ही स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करने लगता है. इसके कारण जोड़ों में दर्द, सूजन और त्वचा से जुड़ी समस्याएं देखने को मिलती हैं. इन बीमारियों का अभी तक कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन दवाओं और सही देखभाल से इनके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है.
मल्टीपल स्क्लेरोसिस
मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम नर्व्स को नुकसान पहुंचाने लगता है. इसके कारण शरीर में कमजोरी, संतुलन बनाने में परेशानी और नजर कमजोर होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इस बीमारी का अभी तक कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन दवाओं और थेरेपी की मदद से इसके असर को कम किया जा सकता है और लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है.
सही समय पर पहचान और उपचार जरूरी
हालांकि इन बीमारियों को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ सावधानियां अपनाकर जोखिम कम किया जा सकता है. हेल्दी डाइट और नियमित एक्सरसाइज, समय-समय पर हेल्थ चेकअप, तनाव कम रखना और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करना आदि शामिल हैं. भले ही इन बीमारियों का स्थायी इलाज अभी तक नहीं मिला है, लेकिन सही समय पर पहचान और उपचार से इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है.
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